
ऋषिकेश
बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग और प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के खिलाफ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे परवादून युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। तय कार्यक्रम के अनुसार, परवादून युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कोयल घाटी से IDPL की ओर मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े। कार्यकर्ताओं का उद्देश्य मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना था। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने पार्षद एवं पूर्व प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस एडवोकेट अभिनव सिंह मलिक और परवादून युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गौरव भारती सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने कहा कि बापूग्राम के लोग वर्षों से राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनकी लगातार अनदेखी कर रही है। वहीं, लगातार हो रहे पेपर लीक ने प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। वह लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार करवा दिया। यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। परवादून युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गौरव भारती ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनता के बुनियादी सवालों से भाग रही है। उन्होंने कहा समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस के दम पर विरोध को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बापूग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करना और पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सरकार ने जल्द ही इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव दीपक वर्मा, महानगर अध्यक्ष हिमांशु कश्यप, महानगर उपाध्यक्ष मयंक पाल, हिमांशु जाटव, सौरभ वर्मा, विशाल स्नेह और मानव रावत सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
