
ऋषिकेश
कहते हैं कि एक बच्चे की सफलता के पीछे सिर्फ उसकी रात-दिन की पढ़ाई नहीं होती, बल्कि माता-पिता की उखड़ी हुई नींद, उनका त्याग और अनदेखे संघर्ष भी शामिल होते हैं। कुछ ऐसा ही भावुक और गौरवमयी नजारा आज झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर पब्लिक स्कूल के सभागार में देखने को मिला। मौका था ऋषिकेश युवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित मेधावी सम्मान संगम – 2 का। जहां सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं में अपना परचम लहराने वाले 250 से अधिक होनहार बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी मंच पर सम्मानित किया गया। जब मेधावी बच्चों के सिर पर सुनहरे भविष्य का ताज सजा और उनके माता-पिता को शॉल व सम्मान पत्र भेंट किया गया, तो कई पिताओं का सीना फक्र से चौड़ा हो गया और कई माताओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस भव्य कार्यक्रम की शुरुआत केवल औपचारिक दीप प्रज्वलन से नहीं, बल्कि एक बेहद खूबसूरत और संवेदनशील पहल के साथ हुई। सभागार में मौजूद सभी बच्चों और अभिभावकों ने एक सुर में पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधारोपण करने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने ठाना कि वे न सिर्फ अपनी शिक्षा से देश को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि प्रकृति को भी हरा-भरा रखेंगे।

मुख्य अतिथि महंत वत्सल प्रपन्न शर्मा ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए एक बेहद मर्मस्पर्शी बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्रियां हासिल करने का नाम नहीं है। यह समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार है। बच्चों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ-साथ अपने संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही संस्कार आपको एक अच्छा इंसान बनाएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक और फाउंडेशन के संरक्षक जयेंद्र रमोला ने इस भावुक पल को शब्दों में पिरोते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की कामयाबी के पीछे उसके माता-पिता का जो मौन तप और त्याग होता है, उसका कर्ज कभी नहीं चुकाया जा सकता। इसलिए, बच्चों के साथ उनके अभिभावकों का सम्मान करना पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक गोनियाल और महासचिव सागर गर्ग ने कहा कि यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि इन प्रतिभाओं के सपनों को उड़ान देने का एक जरिया है। फाउंडेशन आगे भी ऐसे होनहारों की राह रोशन करता रहेगा।
इस गरिमामयी शाम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल वह था, जब ऋषिकेश की अपनी बेटी सताक्षी शर्मा को मंच पर सम्मानित किया गया, जिनका चयन हाल ही में डीएसपी पद के लिए हुआ है। सताक्षी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। जब उन्होंने माइक संभाला और अपनी यात्रा साझा करते हुए छोटे भाई-बहनों को भविष्य की शुभकामनाएं दीं, तो हॉल में बैठी हर बेटी की आंखों में कुछ बड़ा कर गुजरने का ख्वाब तैर गया। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए ऋषिकेश के तमाम गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद एक छत के नीचे मौजूद थे।
सांई इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य अमित ममगाई, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष मोहित उनियाल, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा सहित सैकड़ों लोगों ने बच्चों की पीठ थपथपाई। कार्यक्रम का समापन देश निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के एक सामूहिक संकल्प और बच्चों की खिलखिलाती मुस्कान के साथ हुआ। आज ऋषिकेश ने सिर्फ अपने बच्चों की सफलता का जश्न नहीं मनाया, बल्कि उन सपनों को भी सलाम किया जो कल भारत का भविष्य बदलेंगे।
