
ऋषिकेश
प्रकृति और पर्यावरण के पावन पर्व ‘हरेला’ के शुभ अवसर पर उत्तराखंड भास्कर फाउंडेशन ने अपने सामाजिक सफर की एक ऐतिहासिक और सराहनीय शुरुआत की है। ऋषिकेश में आयोजित संस्था के पहले भव्य कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण, पर्यावरण जागरूकता रैली और बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित कर शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया गया।
मनीराम रोड प्राथमिक विद्यालय से अभियान का शुभारंभ
फाउंडेशन ने अपने सामाजिक अभियान की पहली सीढ़ी के रूप में पीएमश्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मनीराम रोड, ऋषिकेश को चुना। यहां आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्कूल के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधरोपण किया गया और उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया।
डिम्पल शुक्ला ने जन्मदिवस पर बांटी खुशियां
कार्यक्रम को और अधिक विशेष बनाते हुए फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष डिम्पल शुक्ला ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर विद्यालय के बच्चों को पाठ्य सामग्री, पुस्तकें और मिष्ठान वितरित किए। अपने बीच संस्था के सदस्यों को पाकर और उपहार पाकर स्कूली बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह और मुस्कान देखने को मिली।

जागरूकता रैली को डॉ. राजे नेगी ने दिखाई हरी झंडी
इस मौके पर पर्यावरण के प्रति जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यालय परिवार द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को सुप्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. राजे नेगी और विद्यालय की प्रधानाचार्या वंदना गैरोला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के दौरान बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर आम जनमानस से अधिक से अधिक पौधे लगाने और अपनी धरती को हरा-भरा रखने की अपील की। कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का प्रतीक है। हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि एक अभिभावक की तरह उनकी नियमित देखभाल भी करनी होगी।
समाज कल्याण के लिए संस्था का ’25-सूत्रीय’ संकल्प
उत्तराखंड भास्कर फाउंडेशन ने भविष्य में भी शिक्षा, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जनहितकारी अभियानों को निरंतर चलाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत एक सामाजिक एवं चैरिटेबल संस्था के रूप में पंजीकृत यह फाउंडेशन आने वाले समय में समाज के उत्थान के लिए निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों में कार्य करेगी
शिक्षा एवं बाल कल्याण: निर्धन, अनाथ व असहाय बच्चों को मुफ्त शिक्षा सामग्री, पुस्तकें और आर्थिक सहायता देना। साथ ही पुस्तकालय व वाचनालय स्थापित करना।
महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को उनके अधिकारों व सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण देना और गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग करना।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा: निःशुल्क चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच अभियानों का आयोजन करना।
पर्यावरण व स्वच्छता: निरंतर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्य।
युवा व सामाजिक सुधार: युवाओं को स्वरोजगार व खेलों से जोड़ना, नशा मुक्ति अभियान चलाना, बाल मजदूरी व दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाना।
उत्तराखंड भास्कर फाउंडेशन ने साफ किया है कि उनका अंतिम लक्ष्य समाज में भाईचारा, सामाजिक समरसता और मानवता की भावना को बढ़ावा देकर समाज के हर वर्ग का समग्र विकास करना है।
