
ऋषिकेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित पड़े वन भूमि प्रकरणों और स्थानीय गांवों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ऋषिकेश के आईडीपीएल में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन सभी क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने के लिए एक इंटीग्रेटेड फार्मूला यानि कि एकीकृत योजना तैयार कर रही है। जिससे स्थानीय निवासियों को हमेशा के लिए राहत मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि ऋषिकेश के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने क्षेत्र के बापू ग्राम की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न केवल बापू ग्राम बल्कि क्षेत्र की अन्य विकास योजनाओं को भी आने वाले कार्यक्रमों में प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के कई हिस्सों में एक जैसी भौगोलिक और कानूनी चुनौतियां हैं। उन्होंने विशेष रूप से बापू ग्राम, बिंदुखत्ता, बग्गा 54, रामनगर के आस-पास के गांव का जिक्र किया। इन सभी गांवों की चुनौतियां और समस्याएं एक जैसी हैं। इन सभी के लिए एक साझा और एकीकृत फार्मूला तैयार किया जा रहा हैं। जिससे भारत सरकार से भी इसकी तुरंत स्वीकृति मिल सके और यहां रहने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन भूमि और विस्थापित क्षेत्रों से जुड़े मामलों में अक्सर कानूनी और तकनीकी अड़चनें आती हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार एक ऐसा व्यापक प्रस्ताव तैयार कर रही है जिसे केंद्र सरकार के समक्ष भेजा जाएगा। केंद्र से मंजूरी मिलते ही इन क्षेत्रों के हजारों परिवारों को भूमि स्वामित्व और बुनियादी सुविधाओं का हक मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस संकल्प को दोहराते हुए कार्यक्रम में मौजूद जनता का दिल से आभार व्यक्त किया और कहा कि सरकार जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
