
ऋषिकेश
ऋषिकेश के आशीर्वाद वाटिका में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा का जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की 20 से अधिक परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर परिवहन मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। परिवहन मंत्री ने सभी संघों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द ही उनके उचित समाधान का ठोस आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक प्रेमचंद अग्रवाल की उपस्थिति में ऋषिकेश ट्रक आनर्स के अध्यक्ष जगमोहन सकलानी व महामंत्री दीप शर्मा सहित तमाम प्रतिनिधियों ने समस्या ऑन को सुनकर उनके समाधान के आश्वासन पर मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

टैक्स और परमिट में राहत: उत्तराखंड में अन्य राज्यों की तुलना में वाहनों का टैक्स अधिक है, जिसे कम किया जाए। साथ ही पूरे राज्य के लिए ‘सिंगल परमिट’ व्यवस्था लागू हो, क्योंकि वर्तमान में कुमाऊं जाने के लिए अलग से परमिट बनाना पड़ता है। बाइक रेंटल का रिन्यूअल चार्ज बस के बराबर है, इसे भी घटाया जाए।
बुनियादी सुविधाएं: ऋषिकेश में सीएनजी पेट्रोल पंपों की संख्या बढ़ाई जाए। शहर में एक सर्वसुविधाजनक ‘ट्रांसपोर्ट नगर’ बनाया जाए और वाहनों के लिए पार्किंग स्टैंड व चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था हो। परिवहन कार्यालय में एटीएस (ATS) सेंटर तुरंत चालू किया जाए।

किराया वृद्धि और ग्रीन कार्ड: सभी यात्री वाहनों के किराए में बढ़ोतरी की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले बाहरी वाहनों के ग्रीन कार्ड की अवधि 15 दिन निर्धारित हो।
चेकिंग और पुलिस उत्पीड़न का विरोध: परिवहन संघों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर पुलिस द्वारा उनका उत्पीड़न किया जाता है। मांग की गई कि वाहनों की चेकिंग की जिम्मेदारी केवल परिवहन विभाग ही संभाले।
ई-रिक्शा चालकों की मांगें: ई-रिक्शा और ई-ऑटो को तपोवन तक चलने की अनुमति दी जाए। ‘ई-रिक्शा कल्याण योजना 2018’ को तत्काल लागू किया जाए और महिला ई-रिक्शा चालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाए।

डग्गामारी और सुरक्षा: रोडवेज बस स्टैंड के बाहर धड़ल्ले से हो रही डग्गामारी पर नकेल कसी जाए और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त एक्शन हो। इसके साथ ही बस स्टैंड पर पुलिस फोर्स की कमी को दूर किया जाए।
डिजिटल चालान प्रणाली में सुधार: टू-व्हीलर रेंटल पर पर्यटक अक्सर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिसका खामियाजा और जुर्माना मालिकों को भुगतना पड़ता है। इसके अलावा, चालान का मैसेज 24 से 48 घंटे बाद आता है; संघों ने मांग की कि चालान कटते ही इसका मैसेज तत्काल मालिक के फोन पर आना चाहिए।
परिवहन मंत्री का आश्वासन: सभी समस्याओं को सुनने के बाद परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सरकार राज्य में एक व्यावहारिक और जनहितैषी ‘उत्कृष्ट परिवहन नीति’ बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ट्रांसपोर्टर्स की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
परिवहन विभाग के यह अधिकारी रहे मौजूद
अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, आरटीओ प्रशासन सुनील सैनी, एआरटीओ रावत सिंह कटारिया, एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत और एजीएम अंजलीका शर्मा मौजूद रहे।

प्रमुख जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक
महापौर शंभू पासवान, दीप शर्मा, जगमोहन सकलानी, वीरेंद्र भारद्वाज, संजय शास्त्री, मनोज ध्यानी, सुधीर राय, त्रिलोक भंडारी, विजयपाल रावत, संजय शर्मा, कुंवर सिंह तड़ियाल, जयप्रकाश नारायण, नवीन सेमवाल, ललित सक्सेना, राजेश शर्मा, हेमंत डंग, दिनेश बहुगुणा, रमेश मौर्य, भास्करानंद भरद्वाज, बलबीर रावत, भोपाल सिंह नेगी और गजेंद्र सिंह नेगी सहित कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।
