
ऋषिकेश
सावन महीने की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ऋषिकेश पुलिस ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। यात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों और हुड़दंगियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से पुलिस ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला।
ट्रांजिट कैंप से त्रिवेणी घाट तक निकला मार्च
सुरक्षा बलों का यह फ्लैग मार्च चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय परिसर से शुरू हुआ। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए फ्लैग मार्च प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट पर समाप्त हुआ। त्रिवेणी घाट पहुंचकर ITBP के जवानों और पुलिस बल ने मां गंगा का आचमन लिया और कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
कांवड़ियों के भेष में छिपे उपद्रवियों पर नजर
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) तुषार बोरा ने बताया कि कई बार कांवड़ यात्रा के दौरान असामाजिक तत्व कांवड़ियों का भेष बदलकर भीड़ में शामिल हो जाते हैं और शहर की शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यह फ्लैग मार्च ऐसे तत्वों के लिए सीधी चेतावनी है। अगर किसी ने भी छद्म रूप धारण कर शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो पुलिस उनसे सख्ती से निपटेगी। ऐसे लोगों के लिए कांवड़ मेले में कोई जगह नहीं होगी, बल्कि उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।
सुरक्षा बलों के इस कड़े रुख से जहां एक तरफ असामाजिक तत्वों में हड़कंप है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा का माहौल बना है।
