ऋषिकेश
मानसून की विदाई के साथ ही योग नगरी ऋषिकेश एक बार फिर साहसिक खेलों के रोमांच से सराबोर होने के लिए तैयार है। गंगा की तेज़ लहरों पर राफ्टिंग का लुत्फ़ उठाने का इंतज़ार कर रहे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, साहसिक खेल विभाग और स्थानीय राफ्टिंग कारोबारियों की संयुक्त टीम ने मरीन ड्राइव से नीम बीच तक गंगा के जलस्तर, रैपिड्स और संभावित राफ्टिंग रूटों की गहन रेकी (सर्वे) पूरी कर ली है।
🔍 सुरक्षा और वाटर लेवल की स्थिति अनुकूल
पर्यटन विशेषज्ञों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों की टीम ने मरीन ड्राइव से नीम बीच के बीच विभिन्न पॉइंट्स का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गंगा का जलस्तर अब पूरी तरह राफ्टिंग के अनुकूल पाया गया है। जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी सोबत सिंह राणा के अनुसारगंगा नदी में जलस्तर अब सामान्य हो चुका है। विभाग की हरी झंडी मिलते ही अगले कुछ दिनों के भीतर विधिवत राफ्टिंग संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
🚀 चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे राफ्टिंग रूट
पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए शुरुआत में जलस्तर के हिसाब से छोटे और सुरक्षित रूटों को हरी झंडी दी जाएगी।
शुरुआती चरण: ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश लगभग 9 किमी और शिवपुरी से ऋषिकेश लगभग 16 किमी रूट पर अनुमति मिलेगी।
अगला चरण: जैसे-जैसे जलस्तर और कम होगा, कौडियाला से ऋषिकेश तक के लंबे और रोमांचक रूट भी खोल दिए जाएंगे।
💼 पटरी पर लौटेगा कारोबार, हजारों चेहरों पर मुस्कान
बरसात के मौसम में राफ्टिंग बंद रहने से ठप पड़ा साहसिक पर्यटन का कारोबार अब दोबारा रफ़्तार पकड़ेगा। राफ्टिंग गाइड, कैंप संचालक, ट्रेवल एजेंसियां और स्थानीय टैक्सी चालकों समेत हज़ारों परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर इस व्यवसाय से जुड़ी हुई है। वर्तमान में विभाग द्वारा परमिट व लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया तेजी से निपटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कागज़ी प्रक्रिया पूरी होते ही आधिकारिक तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा।
