
ऋषिकेश
उत्तराखंड के तीर्थनगरी ऋषिकेश से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मुनिकीरेती क्षेत्र के ‘साईं घाट’ पर अपने माता-पिता के साथ गंगा स्नान कर रहा एक 20 वर्षीय युवक अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते युवक माता-पिता की आंखों के सामने ही गहरे पानी में डूब गया और ओझल हो गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों और नावों की मदद से नदी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। मुनिकीरेती थाना प्रभारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान शुभम 20 वर्ष निवासी नंद कॉलोनी, रोहतक हरियाणा के रूप में हुई है। शुभम अपने माता-पिता के साथ ऋषिकेश घूमने आया था। सोमवार सुबह करीब 7 बजे जब पूरा परिवार साईं घाट पर स्नान कर रहा था, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। शुभम का संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी की ओर खिंचा चला गया। परिजनों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक कोई मदद पहुंचती, वह नदी के तेज प्रवाह में बह गया। अंधेरा होने और बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
39 दिनों में डूब चुके हैं 14 लोग: प्रशासन की अपील ‘सुरक्षित घाटों पर ही नहाएं
ऋषिकेश और मुनिकीरेती क्षेत्र में लगातार हो रहे ये हादसे अब बेहद चिंताजनक बन चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज 39 दिनों के भीतर ऋषिकेश के विभिन्न गंगा घाटों पर डूबने से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकांश हादसे उन घाटों या रेतीले क्षेत्रों में हुए हैं जिन्हें स्नान के लिए प्रतिबंधित या असुरक्षित घोषित किया गया है। पुलिस और SDRF ने पर्यटकों से बार-बार अपील की है कि वे अनजान या बिना जंजीर वाले असुरक्षित घाटों पर पैर भी न रखें। गंगा का जलस्तर और बहाव अचानक बदलता है, जिसे भांपना मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटकों के लिए नामुमकिन होता है। यदि आप या आपका कोई परिचित ऋषिकेश या देवप्रयाग की ओर यात्रा कर रहा है, तो कृपया केवल उन्हीं घाटों का चयन करें जहाँ सुरक्षा जंजीरें लगी हों और जल पुलिस या गोताखोर तैनात हों। नदी के किनारे रील बनाने या गहराई नापने की भूल जानलेवा साबित हो सकती है।
