
हरिद्वार
हरिद्वार पुलिस ने एक बेहद पेचीदा और ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ का पर्दाफाश करते हुए अज्ञात महिला हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। शादी का दबाव बनाने पर एक कलयुगी प्रेमी ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। कातिलों ने पहचान छुपाने के मकसद से उत्तर प्रदेश के बांदा से करीब 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार लाकर महिला की हत्या की थी। लेकिन एसएसपी नवनीत सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विवेचना का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए तीनों हत्यारोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
झाड़ियों में मिला था शव, चेहरा हो चुका था क्षत-विक्षत
मामला बीती 10 मई का है, जब श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास, वन विभाग के वर्जित पैदल रास्ते पर घनी झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का शव बिना कपड़ों के पड़े होने की सूचना मिली। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस उच्चाधिकारियों और फॉरेंसिक टीम को मृतका के गले में कसा हुआ ब्लाउज, दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र और एक सफेद गमछा बरामद हुआ। कीड़े-मकोड़ों के कारण महिला का चेहरा पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे उसकी शिनाख्त करना नामुमकिन लग रहा था। शुरुआती 72 घंटों में पहचान न होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर चौकी चंडीघाट प्रभारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
हाथ पर गुदे नाम और ‘SIR’ डेटा से हुई पहचान
एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी क्राइम निशा यादव के पर्यवेक्षण में टीमों का गठन किया। पुलिस के सामने पहला बड़ा टास्क मृतका की पहचान करना था। चेहरा खराब होने के कारण पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में लिखा ‘KAUSHILYA’ व फ्लावर पॉट का चित्र, और बाएं हाथ पर दिल के आकार में ‘K.R’ व ‘ॐ’ का निशान बना होना था। आंधी-तूफान के कारण घटनास्थल के आसपास के कैमरे क्षतिग्रस्त थे। पुलिस टीम ने 5 किलोमीटर के दायरे के सभी कैमरों की 1 से 10 मई तक की बैकअप फुटेज खंगाली। निर्वाचन कार्यालयों और विभिन्न पोर्टल्स पर ‘कौशल्या’ नाम की महिलाओं का डेटा खंगाला गया, जिसमें सन 2019 से अब तक 164 गुमशुदगी और 3540 रजिस्टर्ड महिलाओं की जानकारी मिली। 1.64 लाख नंबरों का विश्लेषण: पुलिस टीम ने लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 मोबाइल नंबरों की ट्रू-कॉलर और अन्य तकनीकी माध्यमों से शिनाख्त की।
600 घंटों की फुटेज ने खोला राज
कड़ी मशक्कत के बाद 8 मई की एक सीमित सीसीटीवी फुटेज में रात के वक्त 3 संदिग्ध युवक एक महिला को चंडी देवी की तरफ ले जाते दिखे, लेकिन लौटते वक्त महिला उनके साथ नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस बांदा (उत्तर प्रदेश) के तीन संदिग्धों तक जा पहुंची। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
प्रेम प्रसंग और शादी का दबाव बनी हत्या की वजह
पूछताछ में मुख्य आरोपी रामप्रकाश ने बताया कि उसके मृतका कौशल्या (पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, यूपी) के साथ प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश के पहले से शादीशुदा होने के बावजूद कौशल्या उस पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वे उसे चंडी देवी के दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार लाए और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उन्हें लगा था कि इतनी दूर आकर हत्या करने से पुलिस कभी उन तक नहीं पहुंच पाएगी।
गिरफ्तार हत्यारोपी:
रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (उम्र 20 वर्ष) – मुख्य आरोपी (प्रेमी)
राकेश (उम्र 25 वर्ष) – आरोपी का भाई
छेदीलाल (उम्र 24 वर्ष) – आरोपी का सगा जीजा (सभी निवासी: जिला बांदा, उत्तर प्रदेश)
बरामदगी: हत्यारोपियों के पास से 03 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 01 पिठ्ठू बैग बरामद किया गया है। मामले में अब हत्या की धारा के साथ आपराधिक षड्यंत्र की धारा 61(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस टीम को नकद इनाम की घोषणा
इस बेहद पेचीदा और अनसुलझे मर्डर केस को महज 25 दिनों में सुलझाने वाली पुलिस टीम के शानदार कार्य की सराहना करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा 5,000 रुपये और एसएसपी हरिद्वार द्वारा 2,500 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है। सफलता पाने वाली टीम में एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय सिंह, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, सीआईयू प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट और थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा सहित सीआईयू व श्यामपुर थाने के जांबाज जवान शामिल रहे।
