
ऋषिकेश
तपोवन क्षेत्र में बिजली लाइनों के रखरखाव के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है, जिसमें एक 25 वर्षीय युवा लाइनमैन को अपनी जान गंवानी पड़ी। मुनीकीरेती पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के जिम्मेदार सब-स्टेशन ऑपरेटर के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। वहीं, विभागीय जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बिजली विभाग ने आरोपी कर्मचारी को नौकरी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह दुखद घटना मुनीकीरेती उपखंड के अंतर्गत आने वाले तपोवन क्षेत्र की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 7 मई को ग्राम क्यारा नरेन्द्रनगर के निवासी धीरज सिंह 11 केवी (11KV) बिजली लाइन की मरम्मत का काम संभाल रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आने से धीरज बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आक्रोश और जांच की मांग
हादसे के अगले ही दिन जब ऋषिकेश एम्स में शव का पोस्टमार्टम चल रहा था, तब स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों का सीधा आरोप था कि जब लाइन बंद करके मरम्मत का काम चल रहा था, तो अचानक उसमें करंट कैसे आ गया? लोगों ने इसे सीधे तौर पर विभाग की बड़ी लापरवाही बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
ग्रामीणों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग और प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए:
कमेटी की जांच: ऊर्जा निगम द्वारा गठित की गई जांच समिति की रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि तपोवन बिजली घर में तैनात आउटसोर्स ऑपरेटर पवन श्रीवास्तव ने अपनी ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरती थी। उसके द्वारा की गई चूक की वजह से ही बंद लाइन में करंट चालू हो गया।
विभागीय कार्रवाई: जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के तुरंत बाद अवर अभियंता (JE) पंकज काला की संस्तुति पर आरोपी ऑपरेटर पवन श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (सेवामुक्त) कर दिया गया है।
कानूनी एक्शन: मुनीकीरेती थाना अध्यक्ष प्रदीप चौहान के मुताबिक, अवर अभियंता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
