
ऋषिकेश
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने पुलिस सेटिंग के नाम पर व्यापारियों को डरा-धमकाकर संगठित रूप से अवैध वसूली रंगदारी करने वाले गिरोह के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अब इस प्रकरण में शामिल तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि यह मामला 10 मई 2026 को प्रकाश में आया था। जब गंगानगर निवासी कारोबारी अतुल गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्य आरोपी अनुज गोयल और उसके साथियों ने अतुल गुप्ता को हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी थी। खुद को पुलिस सेटिंग वाला बताकर उन्होंने मामले को रफा-दफा करने के लिए 20-25 लाख रुपये की मांग की। डर के मारे वादी ने शुरुआती तौर पर 2 लाख रुपये उन्हें दे दिए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से इस गैंग पर शिकंजा कसा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आज पुलिस ने देहरादून रोड फ्लाईओवर के पास से तीन और आरोपियों को दबोच लिया। जिनकी पहचान अंशुल निवासी वाल्मीकि नगर ऋषिकेश, विवेक कुमार निवासी वाल्मीकि नगर ऋषिकेश, आदित्य कुमार मूल निवासी मुरादाबाद वर्तमान निवासी ऋषिकेश के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वसूली गई रकम में हिस्सेदार थे। पुलिस ने इनके पास से वसूली गई राशि में से 9 हजार नकद और 03 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूरी बरामदगी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई है। इस कार्रवाई में उप-निरीक्षक दिनेश राणा, विकसित पंवार और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के अन्य संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि शहर में पनप रहे संगठित अपराध को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
