
ऋषिकेश
भारतीय आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र से देश के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। आयुर्वेद, वैश्विक वेलनेस शिक्षा और मानव सेवा में पिछले 28 वर्षों से निरंतर समर्पित डॉ. डीके श्रीवास्तव को प्रतिष्ठित यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान डॉ. श्रीवास्तव की तीन दशकों की कठिन साधना और वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. श्रीवास्तव ऋषिकेश के वीरभद्र क्षेत्र स्थित नवजीवनम आयुर्वेदा इंस्टिट्यूट्स के माध्यम से दुनिया भर में स्वास्थ्य संवर्धन, रोग-निवारण और जीवनशैली सुधार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2008 से एक ग्लोबल वेलनेस स्पीकर के रूप में वे दुनिया के कई शक्तिशाली और विकसित देशों में आयुर्वेद की अलख जगा रहे हैं। जिनमें स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्पेन, स्लोवाकिया, रूस, स्वीडन, हंगरी, चेक रिपब्लिक, संयुक्त राज्य अमेरिका और सिंगापुर शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे यूरोपियन एजुकेशन फॉर आयुर्वेदा के सदस्य हैं और आयुष विभाग भारत सरकार के अंतर्गत राज्य संयोजक के रूप में भी अपनी बहुमूल्य सेवाएं दे चुके हैं।

📜 सम्मान पत्र में क्या रहा खास?
यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रशस्ति-पत्र में डॉ. श्रीवास्तव के समग्र उपचार, वेलनेस शिक्षा और मानवता की सेवा के प्रति उनके अद्वितीय संकल्प को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल डॉ. श्रीवास्तव की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भारतीय आयुर्वेद की स्वीकार्यता, वैज्ञानिकता और विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ करती है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि आयुर्वेद की दिव्य शक्ति और उसकी सार्वभौमिक उपयोगिता का सम्मान है। जब भारत का आयुर्वेद अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होता है, तो ऐसा महसूस होता है कि हमारे प्राचीन ऋषियों की परंपरा आज भी जीवित और प्रासंगिक है। डॉ. श्रीवास्तव को मिली इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर देश-विदेश के वेलनेस विशेषज्ञों, आयुष मंत्रालय के अधिकारियों और आयुर्वेद प्रेमियों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
