
ऋषिकेश
हरिद्वार रोड स्थित काली की ढाल पर बुधवार शाम को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब स्थानीय लोगों ने हरियाणा से आए कुछ पर्यटकों की जमकर धुनाई कर दी। पर्यटकों पर कार में बैठे-बैठे एक महिला के साथ अश्लील इशारे और छेड़छाड़ करने का आरोप है। हालांकि, पर्यटकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेवजह का विवाद बताया है। पुलिस के मुताबिक बुधवार शाम को हरिद्वार की ओर से ऋषिकेश आ रही एक कार जब पेट्रोल पंप के पास डिवाइडर के पास धीमी हुई, तो वहां मौजूद एक महिला ने आरोप लगाया कि कार सवार दो पर्यटकों ने उसे देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की कोशिश की। महिला के शोर मचाने पर स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए। जब पर्यटकों ने कार से उतरकर आरोपों को झूठा बताते हुए बहस शुरू की, तो मामला बिगड़ गया। उग्र हुई भीड़ ने पर्यटकों की कार पर पत्थरों से हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ ने पर्यटकों को इस कदर पीटा कि एक पर्यटक के कपड़े तक फट गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पर्यटक के साथ सरेआम मारपीट होती दिख रही है। घटना की सूचना मिलते ही आईडीपीएल चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घायल पर्यटकों को अस्पताल ले जाकर उनका मेडिकल कराया और फिर चौकी ले आई। हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। पर्यटकों का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। आरोप लगाने वाली महिला ने भी पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। ऋषिकेश कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक भारत सिंह ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि सच का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल घटना की सूचना देना है, हम किसी भी वायरल वीडियो या आरोपों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं।
