
ऋषिकेश
अगर आप वीकेंड पर ऋषिकेश या तपोवन की वादियों में गाड़ी से ‘रैश ड्राइविंग’ या ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ का टैलेंट दिखाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। टिहरी गढ़वाल की एसएसपी साहिबा के हुक्म पर मुनि की रेती पुलिस ने बीती रात ऐसा जाल बिछाया कि नियम तोड़ने वालों के होश उड़ गए। रात के अंधेरे में चले इस मेगा ऑपरेशन में पुलिस ने 7 पियक्कड़ चालकों को हवालात की सैर करा दी और उनकी चमचमाती गाड़ियां सीज कर दीं।
भद्रकाली से तपोवन तक… जहाँ मुड़े, वहीं घिरे
कप्तान के निर्देश पर सीओ नरेंद्रनगर और प्रभारी निरीक्षक मुनि की रेती ने ऐसी चक्रव्यूह रचना की कि हुड़दंगियों को भागने का रास्ता नहीं मिला। पुलिस की स्पेशल टीमों ने क्षेत्र के चार सबसे बड़े हॉटस्पॉट पर नाकेबंदी की थी। जिसमे भद्रकाली चेकपोस्ट पर जहां से एंट्री मारते ही पुलिस सामने दिखी। तपोवन तिराहा और बाईपास के साथ ब्रह्मानंद मोड़ पर जो भी रफ़्तार का शौकीन या ‘टल्ली’ होकर निकला, उसे पुलिस ने सीधे किनारे लगा लिया।

पुलिस का ‘ऑन द स्पॉट’ हिसाब-किताब
🍻 जेल यात्रा: शराब पीकर स्टेयरिंग थामने वाले 07 रईसजादे गिरफ्तार।
🚔 गाड़ियां जब्त: 4-व्हीलर और 2-व्हीलर मिलाकर 07 गाड़ियां सीधे सीज (अब कोर्ट के चक्कर काटेंगे)।
🏎️ रैश ड्राइविंग का शॉक: हवा से बातें करने वाले 10 चालकों का चालान सीधे कोर्ट भेजा गया।
💸 जेब ढीली: पुलिस ने 29 गाड़ियों का ऑन-द-स्पॉट चालान कर ₹15,000 की ‘कंपाउंडिंग फीस’ वसूली।
📊 टोटल स्कोर: एक ही रात में कुल 46 चालान ठोक दिए गए।
कप्तान की टीम ने काटा गदर
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस की भारी-भरकम टीम मैदान में थी। एसएसआई योगेश चंद्र पाण्डेय, एसआई सचिन पुंडीर, प्रदीप रावत, राजेंद्र रावत, प्रवीन रावत, विनोद शर्मा और आदेश शर्मा ने अपनी टीम के साथ मिलकर हर आने-जाने वाली गाड़ी को खंगाला। पुलिस का कहना है कि यह तो बस ट्रेलर था, पिक्चर अभी बाकी है। यह अभियान रोज चलेगा। पहाड़ों की वादियों में शांति चाहिए, हुड़दंग नहीं। अगर शराब पीकर गाड़ी चलाई, तो अगली रात घर पर नहीं, जेल में कटेगी।
