
ऋषिकेश
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के गीता नगर ऋषिकेश केंद्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के उपलक्ष्य में परिवार में सुखी जीवन का रहस्य विषय पर एक आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमांडर उपेन्द्र सिंह चीमा, सूबेदार मेजर धीरेंद्र रावत, ऋषिकेश केंद्र प्रभारी बी.के. आरती दीदी एवं ढालवाला उपसेवा केंद्र की संचालिका बी.के. निर्मला दीदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अहंकार छोड़ें, लेने से अधिक देने की भावना रखें: बी.के. आरती दीदी

ऋषिकेश केंद्र प्रभारी बी.के. आरती दीदी ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान में परिवारों में विघटन का मुख्य कारण अहंकार है। उन्होंने सुखी परिवार के सूत्र साझा करते हुए कहा कि परिवार में स्नेह, सेवा, सहयोग, सम्मान, सहनशीलता, सहानुभूति और शुभभावना ही खुशहाली का आधार हैं। परिवार के सदस्यों की कमियों को न तो दूसरों के सामने कहें और न ही मन में उन्हें बढ़ावा दें। परिवार के मुखिया को सभी सदस्यों को प्रेमपूर्वक जोड़कर रखना चाहिए और हर सदस्य के विचारों को सम्मान देना चाहिए। परमपिता परमात्मा शिव का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखनी चाहिए।
मोबाइल संस्कृति से बढ़ी मानसिक दूरियां: बी.के. निर्मला दीदी

ढालवाला उपसेवा केंद्र की संचालिका बी.के. निर्मला दीदी ने बदलते पारिवारिक परिवेश पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले परिवार के सदस्य साथ बैठकर भोजन और संवाद करते थे, जो परिवार की मजबूती थी। लेकिन आज ‘मोबाइल संस्कृति’ के कारण लोग एक ही छत के नीचे साथ होकर भी मानसिक रूप से एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। प्रेम और श्रेष्ठ संस्कार ही इस दूरी को मिटा सकते हैं।
मनमुटाव को लंबा न खींचें, तभी समृद्ध होगा राष्ट्र: कमांडर उपेन्द्र सिंह चीमा
मुख्य अतिथि कमांडर उपेन्द्र सिंह चीमा ने ब्रह्माकुमारी संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ समय पूर्व रायवाला छावनी में फौजी भाइयों के लिए आयोजित राजयोग शिविर अत्यंत लाभकारी रहा। उन्होंने कहा कि आज संयुक्त परिवारों की जगह एकाकीपन बढ़ता जा रहा है, जिससे रिश्तों में दूरियां आ रही हैं। उन्होंने संदेश दिया कि किसी भी मनमुटाव को अधिक समय तक नहीं खींचना चाहिए, क्योंकि सुखी परिवार से ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है।
राजयोग से सीखा क्रोध पर नियंत्रण: सूबेदार मेजर धीरेंद्र रावत

सूबेदार मेजर धीरेंद्र रावत ने राजयोग शिविर के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने यहाँ क्रोध पर नियंत्रण पाना, क्षमा करना और हर परिस्थिति में खुद को संतुलित रखना सीखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी फौजी भाइयों को दीदी जी का ऐसा दिव्य मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, लिया संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बी.के. विनीता बहन ने एक प्रेरणादायी कविता पढ़ी और बी.के. पुष्पांजलि ने सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक एकता और संस्कारों का संदेश दिया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने परिवार में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। साथ ही, दीदी द्वारा प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप गैस, पेट्रोल एवं जल संरक्षण का भी विशेष संदेश दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में बी.के. भाई-बहन, गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय नगरवासी उपस्थित रहे।
