
ऋषिकेश
कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य पर नजर सटीक हो, तो अभाव भी सफलता की राह रोक नही सकते। ऋषिकेश की बेटी इशिता सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है। मुनिकीरेती के 14 बीघा क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाली इशिता ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे शहर का नाम राज्य में रोशन किया है। बता दे कि इशिता के पिता ऋषिकेश में ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियां और संसाधनों की कमी इशिता के संकल्प के आगे बौनी साबित हुईं। एनजीए विद्यालय की इस छात्रा ने न केवल अपने स्कूल में टॉप किया, बल्कि पूरे ऋषिकेश की सिटी टॉपर बनकर एक मिसाल कायम की है। अपनी इस शानदार कामयाबी पर इशिता ने बताया कि उन्होंने सफलता के लिए कड़ा अनुशासन अपनाया। इशिता ने अपनी जीत का श्रेय विद्यालय के संस्थापक महंत बाबा राम सिंह महाराज, संत जोध सिंह महाराज, अपने शिक्षकों और माता-पिता के बलिदान को दिया है। अब इशिता का सपना लॉ की पढ़ाई करना है। इशिता ने बताया कि वह भविष्य में जज बनकर समाज को न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहती है। इशिता की ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही एनजीए विद्यालय के शिक्षक और स्टाफ उनके घर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों के बीच फूल-मालाओं से इशिता का भव्य स्वागत किया गया। शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर परिवार को बधाई दी और इशिता की लगन व अनुशासन की जमकर सराहना की। इस मौके पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर गर्व साफ देखा जा सकता था।
