
ऋषिकेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोने की खरीद कम करने की अपील करना तीर्थनगरी के सर्राफा व्यापारियों को रास नहीं आ रहा है। इस अपील के विरोध में आज ऋषिकेश के ज्वेलर्स का गुस्सा फूट पड़ा। ज्वेलर्स एसोसिएशन ऑफ ऋषिकेश के बैनर तले बड़ी संख्या में ज्वैलर्स ने झंडा चौक पर एकत्र होकर सांकेतिक धरना दिया और अपने प्रतिष्ठानों पर ताले लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन के बाद ज्वैलर्स ने झंडा चौक से लेकर शहर के मुख्य बाजार में विरोध जुलूस निकाला। ज्वैलर्स का कहना है कि प्रधानमंत्री के इस बयान से बाजार में नकारात्मक संदेश गया है, जिससे उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। आरोप लगाया कि मोदी की अपील के बाद ग्राहकों ने सोने में निवेश और खरीदारी से दूरी बना ली है, जिससे ज्वेलरी उद्योग ठप होने की कगार पर है। ज्वेलर्स ने कहा कि इस व्यवसाय से न केवल मालिक, बल्कि हजारों कारीगर और कर्मचारी भी जुड़े हैं। काम कम होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों के अनुसार, शादी-ब्याह के सीजन में इस तरह की अपील मध्यम और लघु वर्ग के सर्राफा व्यापारियों की कमर तोड़ रही है। एक तरफ सरकार व्यापार सुगमता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री स्वयं जनता से सोना न खरीदने की अपील कर रहे हैं। इससे हमारे पुश्तैनी काम-धंधे चौपट हो रहे हैं। हम इस अपील का कड़ा विरोध करते है। ज्वैलर्स ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने रुख में बदलाव नहीं किया, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।
