
ऋषिकेश
साइबर अपराधियों के हौसले अब इस कदर बुलंद हो गए हैं कि वे आम जनता को तो छोड़िए, सीधे थाना कोतवाली में दर्ज होने वाले मुकदमों के शिकायतकर्ताओं को ही अपना निशाना बनाने में लग गए हैं। पुलिस के नाम पर ठगी का यह नया और चौंकाने वाला ट्रेंड ऋषिकेश में सामने आया है। जिसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। ऋषिकेश के पुलिस क्षेत्राधिकारी नीरज सेमवाल ने इस नए प्रकार के साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए जनता को बेहद सतर्क रहने की अपील की है। सीओ ने बताया कि हाल ही में पुलिस को ऐसी कई गंभीर शिकायतें मिली हैं, जिनमें साइबर ठग ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज मुकदमों के वादियों को टारगेट कर रहे हैं। जालसाज अज्ञात मोबाइल नंबरों से उन लोगों को फोन कर रहे हैं जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। फोन पर ठग खुद को पुलिस का करीबी या अधिकारी बताते हुए एसपी साहब के नाम पर मुकदमे में मदद करने और केस को मजबूत करने का झांसा देते हैं और बदले में मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश पुलिस ने तुरंत एक्शन शुरू कर दिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में जिन नंबरों से कॉल आ रहे हैं, उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश पाई गई है। पुलिस की एक विशेष टीम इन नंबरों और इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। सीओ नीरज सेमवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पुलिस विभाग किसी भी जांच या कानूनी प्रक्रिया के लिए कभी भी रकम की मांग नहीं करता है। उन्होंने जनता को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं।
पैसे न दें: पुलिस या किसी बड़े अधिकारी के नाम पर आने वाली ऐसी किसी भी फर्जी कॉल पर बिल्कुल विश्वास न करें और न ही कोई रकम ट्रांसफर करें।
डेटा शेयर न करें: फोन पर अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या अपने केस से जुड़ा कोई भी संवेदनशील डेटा साझा न करें।
तुरंत करें शिकायत: यदि आपको इस प्रकार की कोई भी संदिग्ध कॉल आती है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या उच्चाधिकारियों को सूचित करें।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें। पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया है कि इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें ताकि अपराधियों के इस नए जाल को तोड़ा जा सके और कोई भी मासूम इसका शिकार न बने।
