
ऋषिकेश
देवभूमि के शांत पहाड़ों के बीच रविवार शाम उस वक्त कोहराम मच गया, जब बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस शिवपुरी के पास बेकाबू होकर हाईवे पर ही पलट गई। एक छोटी सी चूक और पल भर में खुशियां चीखों में तब्दील हो गईं।
● खिड़की बंद करने के चक्कर में ‘मौत’ से सामना
हादसे की वजह बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि बस जब शिवपुरी के पास थी, तभी अचानक चालक की खिड़की खुल गई। ड्राइवर राजेश निवासी क्लेमनटाउन चलती बस में उस खिड़की को बंद करने की कोशिश करने लगा। बस तेज रफ्तार में थी और पल भर के लिए चालक का ध्यान भटका, स्टीयरिंग पर से नियंत्रण छूटा और बस सड़क पर ही धराशायी हो गई।

● बस के अंदर फंसी रही जिंदगी, पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
बस पलटते ही यात्रियों में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। मुनिकीरेती पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबे और टूटी हुई खिड़कियों के बीच से घायलों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की।
कुल यात्री: 25 (सभी लखीमपुर खीरी, यूपी के निवासी)
घायल: 7 श्रद्धालु गंभीर रूप से जख्मी।
बचाव: 18 यात्री बाल-बाल बचे, जिन्हें दूसरे वाहन से रवाना किया गया।

● अस्पताल में भर्ती घायलों की सूची
हादसे में घायल हुए यात्रियों को ‘108’ एंबुलेंस के जरिए तत्काल ऋषिकेश के एसपीएस राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया। घायलों में शामिल हैं।
सोनम गुप्ता (28 वर्ष)
मुन्नी देवी (56 वर्ष)
चंद्रप्रकाश गुप्ता (62 वर्ष)
संजय चौरसिया (59 वर्ष)
सीता देवी (38 वर्ष)
शबनम (32 वर्ष)
मनीष गिरि (44 वर्ष)
● गनीमत रही… वरना गहरी खाई थी तैयार!
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। गनीमत यह रही कि बस नेशनल हाईवे पर ही पलट गई। अगर बस जरा भी किनारे से फिसलती, तो वह सीधे गहरी खाई में जा गिरती, जहाँ से बचना नामुमकिन होता। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक से पूछताछ जारी है।
सावधानी जरूरी: पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर चालक की एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे को दावत दे सकती है।
