
ऋषिकेश
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की व्यवस्था को लेकर बस ऑपरेटरों और उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने गहरी चिंता जताई है। परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने जिम्मेदार अधिकारियों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पिछले तीन-चार वर्षों से चारधाम यात्रा की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अध्यक्ष सुधीर राय ने बताया कि चार साल पहले सरकार द्वारा धामों में दर्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट की व्यवस्था शुरू की गई थी। इस व्यवस्था के तहत स्लॉट बहुत पहले ही बुक हो जाते थे। इसके कारण हजारों यात्रियों को स्लॉट न मिलने की स्थिति में ऋषिकेश में 10 से 12 दिन तक रुकना पड़ रहा था। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस असुविधा के कारण यात्रियों का चारधाम यात्रा से मोहभंग होने लगा है और उन्होंने यात्रा पर आना कम कर दिया है। सुधीर राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चारधाम यात्रा को सुनियोजित तरीके से अन्य रूटों, जैसे कैंची धाम आदि की तरफ मोड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर जगह-जगह सड़कें टूटी हैं और भीषण जाम की समस्या बनी रहती है, जिसे ठीक करने के बजाय यात्रियों के रूट डायवर्ट किए जा रहे हैं। महासंघ अध्यक्ष ने यात्रा मार्ग पर मिलने वाली सुविधाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका आरोप है कि सुविधाओं के नाम पर केवल लूट और चोर-बाजारी हो रही है। तीर्थयात्रियों को ठगा जा रहा है। बताया कि यात्रा की पुरानी परंपरा और महत्व को बचाना जरूरी है। मांग की कि सरकार को इन अव्यवस्थाओं को तुरंत सुधारना चाहिए ताकि चारधाम यात्रा का स्वरूप और यात्रियों का विश्वास फिर से बहाल हो सके।
वहीं सरकार का दावा है कि चार धाम यात्रा निर्बाध और निर्विघ्न रूप से चल रही है। अब तक 28 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। सरकारी मशीनरी चार धाम यात्रा को सुगम बनाने में लगी है।
