
ऋषिकेश
कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्रनगर नगरपालिका चुनाव में सत्ता के भारी दबाव में आकर रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण और गलत तरीके से निरस्त किया है। ओमगोपाल रावत ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रत्याशी की आपत्ति पर प्रशासन ने सत्ता के दबाव में काम किया। सब कुछ सही होने के बावजूद, एक सोची-समझी रणनीति और साजिश के तहत कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र गुसाईं का नामांकन निरस्त कराया गया है। बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि राजेंद्र गुसाईं बाल कल्याण समिति के सदस्य होने के कारण लाभ के पद पर हैं। इस पर रावत ने दस्तावेज़ दिखाते हुए स्पष्ट किया कि यह पद पूरी तरह अवैतनिक है, इसमें कोई तनख्वाह नहीं मिलती, बल्कि सिर्फ बैठक के दिन का भत्ता मिलता है, जो कि ग्राम प्रधानों या अन्य राजनीतिक पदों को भी मिलता है। रावत ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन से पहले ही 27 तारीख को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन जानबूझकर किसी सक्षम अधिकारी ने उनका इस्तीफा स्वीकार या रिसीव नहीं किया।

इसके बाद 29 तारीख को सुबह 10 बजे बड़ी मुश्किल से इस्तीफा रिसीव कराया गया और दोपहर 2 बजे नामांकन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आपत्ति दर्ज कराने के आखिरी दिन शाम 4:50 बजे बीजेपी ने दूसरी आपत्ति दाखिल की, जबकि समय 5:00 बजे तक का था, महज 10 मिनट के भीतर रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस प्रत्याशी को अपना पक्ष रखने या कोई नोटिस दिए बिना ही नामांकन रद्द करने का फैसला सुना दिया। कांग्रेस नेता ओमगोपाल रावत ने साफ किया कि वह इस तानाशाही और अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से अपने वकीलों और एडवोकेट्स से कानूनी सलाह ली जा रही है और इस पूरे मामले के खिलाफ कानूनी रूप से कोर्ट की शरण ली जाएगी।
