
ऋषिकेश
ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित राजश्री चिल्ड्रन एकेडमी में चेतन ध्यान केंद्र के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय चेतना जागृत ध्यान शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस शिविर में विद्यालय के बच्चों और अनेक साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर ध्यान, एकाग्रता और आंतरिक संतुलन के गुर सीखे।

पांच दिनों तक चले इस विशेष सत्र के दौरान मुख्य प्रशिक्षक हरमन सिंह राजपूत के संचालन में साधकों को गहन एकाग्रता, श्वसन-संतुलन और ऊर्जा जागरण की विभिन्न वैज्ञानिक व आध्यात्मिक विधियों का अभ्यास कराया गया। शिविर के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने संजीवनी ध्यान का मुख्य अभ्यास किया, जिसके बाद सभी ने अद्भुत मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक स्थिरता की अनुभूति साझा की। कार्यक्रम में पहुंचे चेतन ध्यान केंद्र के समस्त पदाधिकारियों का विद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

विद्यालय के निदेशक राजेंद्र प्रसाद पांडे एवं प्रधानाचार्य योगेश्वर प्रसाद सेमवाल ने मुख्य अतिथि व प्रशिक्षक हरनाम सिंह राजपूत, रीना भारद्वाज, दिव्या और ब्रह्मानंद त्रिपाठी को पटका पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया और विशेष धन्यवाद प्रेषित किया। इस अवसर पर हरिनाम ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संजीवनी ध्यान व्यक्ति को आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी समस्याओं तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाओं से मुक्त कर जीवन में सही संतुलन स्थापित करने में सहायक होता है।

नियमित ध्यान का अभ्यास केवल आध्यात्मिक मार्ग नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक जीवनशैली का मुख्य आधार है। ध्यान एक ऐसा प्रभावी साधन है, जो व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है। शिविर के समापन पर विद्यालय प्रशासन ने चेतन ध्यान केंद्र की पूरी टीम की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के मानसिक व शारीरिक विकास के कार्यक्रमों को आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
