
ऋषिकेश
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने आज ऋषिकेश के कांग्रेस भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण और बद्रीनाथ धाम में कथित तौर पर हुई अनियमिताओं और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। पत्रकार वार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने सीधे शब्दों में कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की जो डकैती हुई है और जिस तरह से बद्री विशाल में चोरी की बात सामने आ रही हैं इन मामलों को कांग्रेस ने उत्तराखंड की जनता के सामने रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी डकैती में जो लोग शामिल हैं सरकार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से मामले की जांच आगे बढ़ाने की मांग को दोहराया है। उन्होंने चढ़ावा चोरी के मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किये है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बद्रीनाथ चोरी के मामले में संबंधित अधिकारी को हटाने और मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर धामी सरकार एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो इसका सीधा मतलब यह होगा कि बद्री विशाल में जो चोरी और आरोप सामने आ रहे हैं, सरकार खुद उन्हें बचाना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी और धामी जी को इसके लिए सनातनी कभी माफ नहीं करेंगे। पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस केवल बंद कमरों में पत्रकार वार्ता करने तक ही सीमित क्यों है और सड़कों पर बड़ा आंदोलन क्यों नहीं कर रही।

आलोक शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रभु राम कण-कण में हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम राम हमारी संस्कृति आधार और रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की टीमों ने इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को शांत नहीं होने देगी और इसे सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से उठाएगी। इस दौरान स्थानीय कांग्रेसियों ने आलोक शर्मा का जमकर स्वागत और सम्मान किया। प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, जयेंद्र रमोला, मदनमोहन शर्मा, राकेश मियां, दीप शर्मा, रवि जैन, सिमरन उप्पल, हिमांशु कश्यप आदि उपस्थित रहे।
