
ऋषिकेश
आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के विवेकानंद योग सभागार में आयोजित तीन दिवसीय अंग्रेजी संभाषण कार्यशाला का सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में सफल समापन हो गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने आधुनिक युग में अंग्रेजी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से इसे दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संस्कारों के साथ वैश्विक स्तर पर सक्षम बना रही विद्या भारती: रजनीकांत
समापन सत्र के मुख्य अतिथि, भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश मंत्री रजनीकांत शुक्ल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा प्रदान करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संस्कार और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण का एक राष्ट्रीय अभियान है। कहा कि आज के वैश्विक परिवेश में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान समय की आवश्यकता है।
विद्या भारती का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़े रखते हुए अंग्रेजी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषा में भी दक्ष बनाना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे सकें। उन्होंने प्रशिक्षुओं से निरंतर अभ्यास करने और गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कौशल और आत्मविश्वास का विकास हैं ऐसी कार्यशालाएं
विशिष्ट अतिथि और कुमाऊँ मंडल के संभाग निरीक्षक सुरेशानन्द जोशी ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में भाषा कौशल के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का विकास करती हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की नवाचारपूर्ण एवं कौशल आधारित गतिविधियों का आयोजन करता रहेगा।

130 प्रशिक्षुओं ने लिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला में लगभग 130 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं को निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:
समूह चर्चा (Group Discussion)
भूमिका निर्वहन (Role Play)
प्रस्तुतीकरण (Presentation)
शब्द भंडार विकास (Vocabulary Building)
उच्चारण अभ्यास (Pronunciation Practice)

प्रशिक्षुओं ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बताते हुए इसकी सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी को दैनिक जीवन में अंग्रेजी का नियमित अभ्यास करने का संकल्प दिलाया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि रजनीकांत शुक्ल को माँ गंगा का स्मृति-चिह्न एवं पटका भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अमरदीप, आकाश माहेश्वरी, राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, मेहताब, पुरुषोत्तम बिजलवान सहित विद्यालय परिवार के समस्त आचार्यगण, अतिथि और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
