
ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित भट्टोवाला क्षेत्र में आज दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने का विरोध करने पर बिहार के दबंगों ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस खूनी खेल में गांव के दो युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी जान पर खेलकर एक मुख्य आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी फरार होने में कामयाब रहे।
गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद, धमकी देकर गए थे आरोपी
शिकायतकर्ता रविन्द्र चन्द रमोला द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर और चश्मदीदों के अनुसार, दोपहर के वक्त बिहार नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन युवक सड़क किनारे खुलेआम शराब पी रहे थे। तभी वहां मौजूद गांव के संजय राणा, दीपक मेहर और रविन्द्र ने उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से मना किया। संजय राणा के साथ उनका परिवार भी था, लेकिन मर्यादा को ताक पर रखकर तीनों शराबी युवक बदतमीजी और गाली-गलौज पर उतारू हो गए। परिवार की मौजूदगी के कारण संजय राणा ने उस वक्त विवाद बढ़ाना ठीक नहीं समझा और वहां से हट गए। इसके बाद तीनों आरोपी देख लेने की धमकी देते हुए वहां से निकल गए।

एक घंटे बाद हथियारों से लैस होकर लौटे बदमाश, अंधाधुंध की फायरिंग
खौफनाक मोड़ तब आया जब इस घटना के करीब एक घंटे बाद तीनों आरोपी पूरी तैयारी और अवैध तमंचों से लैस होकर वापस उसी स्थान पर पहुंचे और संजय राणा को ढूंढने लगे। संजय ने खतरे को भांपते हुए तुरंत फोन कर अपने दोस्तों को मदद के लिए बुलाया। जैसे ही संजय के दोस्त जसपाल रावत और मनीष व्यास मौके पर पहुंचे, घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस ताबड़तोड़ फायरिंग में एक गोली मनीष व्यास के सीधे हाथ में लगी और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि दूसरी गोली जसपाल रावत के उल्टे पैर की जांघ को चीरती हुई आर-पार निकल गई।
साहस का परिचय: ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक को दबोचा, दो फरार
सरेराह गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में ग्रामीण घटना स्थल की तरफ दौड़े। ग्रामीणों के भारी हुजूम को अपनी ओर आता देख आरोपियों के होश उड़ गए और वे जंगल के रास्ते भागने लगे। लेकिन ग्रामीणों ने गजब का साहस दिखाते हुए चारों तरफ से घेराबंदी की और फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी वसीम निवासी इस्लामपुर, बिहार को रंगे हाथों दबोच लिया। हालांकि, भीड़ को चकमा देकर उसके दो साथी अनवर और आमीर जंगल के रास्ते फरार होने में कामयाब रहे। ग्रामीणों ने आरोपियों की बिहार नंबर की बाइक को भी अपने कब्जे में ले लिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायल युवकों को लहूलुहान हालत में तुरंत ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, पूर्व महापौर अनीता ममगाई और राघवेंद्र भटनागर तुरंत ऋषिकेश एम्स पहुंचे। उन्होंने घायल युवकों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। नेताओं ने इस दुस्साहसिक वारदात पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और बाहरी तत्वों के सत्यापन की मांग की है। कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत के आधार पर संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपी वसीम से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपी अनवर और आमीर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपियों की बाइक को कब्जे में ले लिया गया है और जल्द ही बाकी आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे।
