
ऋषिकेश
उत्तराखंड राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, सोमवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों के प्रति जागरूक किया। तहसील विधिक सेवा समिति की सचिव और अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन सुश्री तानिया मिड्डा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए मुफ्त कानूनी मदद का प्रावधान है।

बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण, नशा मुक्ति अधिनियम की जानकारी भी दी। इंटरनेट के दौर में साइबर अपराधों से बचाव और यातायात नियमों के पालन की अनिवार्यता के बारे में भी बताया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। ताकि जरूरतमंद सीधे संपर्क कर सकें। विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने कानून से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका सुश्री मिड्डा ने सरलता से समाधान किया।

कार्यक्रम अधिकारी रामगोपाल रतूड़ी ने मुख्य वक्ता का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य के नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर प्राविधिक कार्यकर्ता मधुश्री शर्मा, मनोरमा रावत, शीला ध्यानी, विमला नौटियाल, कोर्ट स्टाफ राम सिंह कैंतूरा सहित विद्यालय के शिक्षक यशोदा भारद्वाज, नरेंद्र खुराना, मनोज पंत, आरती बडोनी और समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
