
ऋषिकेश
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु यज्ञ सम्राट 1008 हरिओम महाराज ने देश के विभिन्न राज्यों में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान होने वाले व्यवधानों और साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और सुरक्षा की अपील की। महाराज ने बताया कि वे जनहित और धर्म की स्थापना के लिए देश के विभिन्न कोनों में ‘यज्ञ कर्म’ आयोजित करते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से उन्हें कई राज्यों में अप्रिय स्थितियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने त्रिपुरा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां असामाजिक तत्वों द्वारा हंगामा किया गया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हरिओम महाराज ने हरियाणा के विभिन्न जिलों में हुई घटनाओं पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र, जींद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में उनके कार्यक्रमों के दौरान षडयंत्र रचे गए। उन्होंने आरोप लगाया: कि जींद में पेट्रोल डालकर टेंट फूंकने की कोशिश की गई, जिसका मुकदमा भी दर्ज है। सोनीपत में एक साधु के घायल होने की खबर है, जहां कथित तौर पर शराबियों को भेजकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। महाराज ने सीधे तौर पर हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा किऐसा लगता है कि हरियाणा सरकार सो रही है। उन्हें साधु-संतों की कोई चिंता नहीं है। संदेह है कि वे किसी ब्राह्मण साधु की हत्या करवाना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन पर सुरक्षा देने में भेदभाव का आरोप भी लगाया। महाराज के अनुसार, जो बाबा राजनीतिक संपर्क रखते हैं या लाइजनिंग करते हैं, उन्हें तो सुरक्षा दी जाती है, लेकिन जो संत सत्य कर्म और वास्तविक धर्म प्रचार में लगे हैं, उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने मांग की है कि पूर्व में हुई घटनाओं और दंगों की निष्पक्ष जांच की जाए।
