
देहरादून
राजधानी में हाल ही में हुए प्रेम नगर कांड और ब्रिगेडियर कांड जैसी वारदातों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बढ़ते अपराध और युवाओं के बीच पनपते ‘गन कल्चर’ पर लगाम लगाने के लिए गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने पूरे पुलिस महकमे को ‘हाई अलर्ट’ पर रखते हुए अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की रणनीति तैयार की है। आईजी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के मंदिर कॉलेज और संस्थान अब अपराधियों की पनाहगाह नहीं बनेंगे। शहर के सभी पीजी और हॉस्टल्स का सघन निरीक्षण किया जाएगा। पुलिस अब सीधे कॉलेज प्रशासनों के साथ मिलकर उन संदिग्धों को चिन्हित करेगी जो छात्र के भेष में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। बाहरी राज्यों से आकर शहर की फिजा बिगाड़ने वालों के लिए अब राह आसान नहीं होगी। आईजी के मुताबिक संदिग्धों का डेटा डिजिटल पोर्टल पर अपडेट होगा। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को हाई-टेक बनाते हुए अब संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे ताकि उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा सके। सड़कों पर रसूख दिखाने और हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ ‘नाइट वॉच’ अभियान शुरू किया गया है। तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। गाड़ियों में अवैध असलहे लेकर घूमने वाले ‘रसूखदारों’ को अब कोई रियायत नहीं मिलेगी; पुलिस उन्हें सीधे सलाखों के पीछे भेजेगी। इसके अलावा अगर कानून व्यवस्था में कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित थाना अध्यक्ष और क्षेत्राधिकार की सीधी जवाब देही होगी।
