
देहरादून
उत्तराखंड में अवैध हथियारों के खिलाफ एसटीएफ का विजय अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के कड़े निर्देशों के बाद, कुमाऊं की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जसपुर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने दो शातिर तस्करों को भारी मात्रा में घातक हथियारों के साथ दबोचा है। इनके कब्जे से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। जिनमे 2 पंप एक्शन गन, 2 पिस्टल 32 बोर, 10 जिंदा कारतूस, तस्करी में प्रयुक्त कार शामिल है। पकड़े गए आरोपियों में से एक सिमरनजीत थाना पुलभट्टा का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरा आरोपी शमशेर सिंह उधम सिंह नगर के जसपुर का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन हथियारों को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से लेकर आए है। पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन हथियारों को जसपुर में खपाया जाना था और संभवतः फर्जी लाइसेंस बनवाकर इन्हें वैध दिखाने की साजिश रची गई थी। एसटीएफ अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह की तलाश में जुट गई है। उत्तराखंड एसटीएफ पिछले दो हफ्तों से अवैध हथियारों के सौदागरों पर काल बनकर टूट रही है। पिछले महज 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी सफलता है। इस दौरान एसटीएफ ने 5 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा है। 6 अवैध तमंचे, 2 पंप एक्शन गन और 2 पिस्टल बरामद किए है। कुल 31 जिंदा कारतूस जब्त किए है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों, घुसपैठियों और सक्रिय गैंग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। पुलिस हर उस इनपुट पर काम कर रही है जिससे राज्य की सुरक्षा को खतरा हो।
