
मणिकूट पर्वत स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी शिव शक्ति धाम आश्रम में श्री श्री 1008 हरिओम महाराज जी के सानिध्य में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर विशेष यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। महाराज ने भक्तों को इस प्राकृतिक योग संयोग का लाभ उठाने और 27 मार्च को होने वाली पूर्णाहुति में सम्मिलित होने का विशेष निमंत्रण दिया है। हरिओम महाराज ने बताया कि 27 मार्च 2022 को यहां दस महाविद्या में से चौथी महाविद्या माता त्रिपुर सुंदरी की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। 2025 में 1008 कुण्डीय महायज्ञ का सफल आयोजन भी इसी तिथि को संपन्न हुआ था। आश्रम में पहले से ही त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्रतिष्ठा की जा चुकी है। मणिकूट पर्वत के औषधीय जल से इन ज्योतिर्लिंगों का जलाभिषेक किया जाता है। जिसे भक्त प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। नवरात्रि के दौरान आश्रम में 11 कुण्ड जागृत रहेंगे।

भक्तों के लिए मुख्य यज्ञशाला में विशेष प्रबंध किए गए हैं जहां वह आहुति दे सकेंगे। महाराज जी ने 19 से 27 मार्च तक के समय को बेहद शुभ बताया है। उन्होंने कहा कि 27 नक्षत्रों और नवरात्रि की तिथियों का यह मेल एक दुर्लभ सुयोग है जो भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला है। उन्होंने बताया कि मणिकूट पर्वत पर शिव-शक्ति का वास है। जो भी भक्त यहां श्रद्धापूर्वक आता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। महाराज ने बताया कि जो श्रद्धालु देश के कोने-कोने में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन नहीं कर पता है। वह श्रद्धालु यहां त्रयोदश ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह एक बार त्रयोदश ज्योतिर्लिंग के दर्शन और आगामी नवरात्र कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पुण्य के भागी जरूर बने।
