
ऋषिकेश
जनपद देहरादून के अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक और वीआईपी कोतवाली ऋषिकेश का इतिहास बेहद दिलचस्प है। साल 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन के समय से लेकर अब तक इस महत्वपूर्ण कोतवाली की कमान कुल 31 बार अलग-अलग पुलिस अधिकारियों के हाथों में सौंपी जा चुकी है। तीर्थनगरी की कानून व्यवस्था को संभालने वाले इन अधिकारियों में से कुछ ने यहां लंबा वक्त बिताया, तो कुछ का कार्यकाल महज कुछ ही दिनों का रहा। आइए जानते हैं कि ऋषिकेश कोतवाली के इतिहास में किस अधिकारी ने सबसे ज्यादा समय तक राज किया और किसके नाम सबसे छोटा कार्यकाल रहा।
🏆 सबसे लंबा कार्यकाल: रितेश शाह के नाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड
ऋषिकेश कोतवाली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रभारी निरीक्षक रहने का गौरव इंस्पेक्टर रितेश शाह के नाम दर्ज है। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में लगभग पौने तीन साल का शानदार समय बिताया। उन्होंने 5 सितम्बर 2018 से 3 जून 2021 तक कार्यभार संभाला। संवेदनशील और व्यस्त रहने वाली ऋषिकेश कोतवाली में किसी अधिकारी का लगातार 1000 से अधिक दिनों तक टिके रहना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। खास बात यह है कि इस दौरान रितेश शाह ने कोरोना काल में जन सेवा कर मानवता की कई मिसाल पेश की। इस सूची में दूसरे नंबर पर इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह रावत है। जिन्होंने 17 फरवरी 2014 से 29 जनवरी 2016 तक कुल 711 दिन तक यहां अपनी सेवाएं दीं।
⏱️ सबसे छोटा कार्यकाल: भगत सिंह रावत के नाम अजीबोगरीब रिकॉर्ड
ऋषिकेश कोतवाली में सबसे कम समय तक पद पर रहने का रिकॉर्ड भगत सिंह रावत के नाम दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि भगत सिंह रावत ने साल 2006-2007 में यहां 441 दिनों का लंबा कार्यकाल भी पूरा किया था, लेकिन जब वह साल 2012 में दोबारा यहां तैनात हुए, तो उनका कार्यकाल बेहद संक्षिप्त रहा। 29 अक्टूबर 2012 से 17 दिसम्बर 2012 तक मात्र 49 दिन में ही उनका ट्रांसफर हो गया। इसके अलावा अन्य छोटे कार्यकाल वाले अधिकारियों में इंस्पेक्टर नरेन्द्र सिंह ने 24 अगस्त 2001 से 31 अक्तूबर 2001 तक केवल 68 दिन, महेश चन्द्र जोशी ने अपने दूसरे कार्यकाल 17 सितम्बर 2021 से 25 नवंबर 2021 में केवल 69 दिन ही पद पर रह सके। जबकि उनका पहला कार्यकाल 27 अगस्त से 16 अप्रैल 2011 तक रहा।
📋 ऋषिकेश कोतवाली के इतिहास से जुड़े कुछ अन्य रोचक तथ्य:
उत्तराखंड गठन के पहले प्रभारी: राज्य गठन के समय डी.एस. रावत ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक थे। उनका कार्यकाल 07 अगस्त 2000 से 24 अगस्त 2001 तक 382 दिन का रहा।
एकमात्र महिला प्रभारी: ऋषिकेश कोतवाली के 26 साल के इतिहास में अब तक केवल एक महिला अधिकारी को कमान मिली है। सुश्री अंशु चौधरी ने 28 अगस्त 2008 से 28 जून 2009 तक 304 दिन यहां बतौर प्रभारी निरीक्षक कमान संभाली।
दो बार कमान संभालने वाले चेहरे: सूची के अनुसार, आर.एस. असवाल, भगत सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत, विजय गुसाईं और महेश चन्द्र जोशी ऐसे अधिकारी रहे हैं, जिन्हें पुलिस विभाग ने दो अलग-अलग समयावधि में ऋषिकेश की जिम्मेदारी सौंपी।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में कोतवाली की कमान संभाल रहे कैलाश चन्द्र भट्ट का भी 21 जून 2026 को ट्रांसफर हो गया है। जिन्होंने 8 अक्टूबर 2025 को कार्यभार संभाला था। अब उनकी जगह यशपाल सिंह बिष्ट ने 22 जून को ऋषिकेश कोतवाली का चार्ज संभाला है।
ऋषिकेश कोतवाली में राज करने वाले इंस्पेक्टर्स की सूची।
इसके अलावा गिरीश चंद्र ने 31 अक्टूबर 2001 से 14 जून 2002 तक, महेंद्र सिंह रावत ने 16 जून 2002 से 16 अप्रैल 2003 तक, कुलदीप सिंह असवाल ने 16 अप्रैल 2003 से 27 जुलाई 2004 तक, जगदीश असवाल ने 28 जुलाई 2004 से 16 नवंबर 2004 तक, हरीश मेहरा ने 16 नवंबर 2004 से 29 अप्रैल 2005 तक, जेपी जुयाल ने 28 जून 2009 से 28 अगस्त 2010 तक, रविंद्र चमोली ने 22 अप्रैल 2011 से 13 मई 2012 तक, विजय गोसाई ने 17 दिसंबर 2012 से 6 जून 2013 तक प्रथम पारी और दूसरी पारी 22 जून 2016 से 21 जून 2017 तक, आर एस असवाल ने 11 जुलाई 2013 से 17 फरवरी 2014 तक, पंकज पोखरियाल ने 29 जनवरी 2016 से 22 जून 2016 तक, प्रवीण सिंह कोश्यारी ने 22 जून 2017 से 5 सितंबर 2018 तक, शिशुपाल नेगी ने 3 जून 2021 से 17 सितंबर 2021 तक, रवि कुमार ने 25 नवंबर 2021 से 4 दिसंबर 2022 तक, खुशीराम पांडे ने 15 दिसंबर 2022 से 19 नवंबर 2023 तक, शंकर सिंह बिष्ट ने 19 नवंबर 2023 से 9 जुलाई 2024 तक, राजेंद्र सिंह खोलिया ने 9 जुलाई 2024 से 23 मार्च 2025 तक, प्रदीप राणा ने 24 मार्च 2025 से 7 अक्टूबर 2025 तक इस कोतवाली में अपनी सेवाएं दी है।
