
मुनिकीरेती
चारधाम यात्रा के मद्देनजर जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए टिहरी पुलिस लगातार एक्टिव मोड में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशों पर थाना मुनि की रेती पुलिस ने क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों का सघन सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 लोगों के खिलाफ भारी-भरकम चालानी कार्रवाई की गई है। कैलाश गेट और तपोवन क्षेत्र में इस अभियान को अंजाम दिया गया। कार्रवाई को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए थाना स्तर पर तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। जिसमें पहली टीम एसएसआई योगेश पांडेय, दूसरी टीम महिला एसआई पिंकी तोमर और तीसरी टीम एसआई सचिन पुण्डीर के नेतृत्व में गठित हुई।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने क्षेत्र में रह रहे बाहरी व्यक्तियों, नौकरों, ठेली-फेरी वालों और मजदूरों सहित कुल 90 लोगों के दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान 16 लोग ऐसे पाए गए जिन्होंने अपना पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। कोतवाल प्रदीप चौहान ने बताया कि सत्यापन न कराने वाले इन 16 व्यक्तियों का 10-10 हजार रुपये का कोर्ट चालान किया गया। इस प्रकार पुलिस ने कुल एक लाख साठ हजार रुपये के चालान काटकर न्यायालय भेजे हैं। मुनि की रेती पुलिस ने आम जनता और स्थानीय व्यापारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

पुलिस का कहना है कि पूर्व में भी कई बार सत्यापन के लिए जागरूक किया जा चुका है, इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराये पर रखने, ठेली, फेरी, ठेकेदार या लेबर को काम पर रखने या होटल-ढाबों में कर्मचारी नियुक्त करने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। ताकि भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित या आपराधिक घटना से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में शिवपुरी, ढालवाला, तपोवन और थाना मुनि की रेती के अन्य क्षेत्रों में भी बिना सत्यापन के रह रहे लोगों और उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

