
ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस व एसओजी की शातिर बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। खांड गांव के घने जंगलों में हुई इस खूनी मुठभेड़ में दोनों तरफ से करीब 8 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दोनों बदमाश पुलिस की गोली का शिकार होकर लहूलुहान हो गए। पुलिस के मुताबिक देर रात लगभग एक बजे पुलिस टीम नटराज चौक पर मुस्तैदी से चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्ध मुंह पर कपड़ा लपेटे हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वह पुलिस के बैरियर को जोरदार टक्कर मार श्यामपुर बाईपास मार्ग की तरफ रफूचक्कर हो गए। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए उनका पीछा शुरू किया। खुद को घिरता देख बदमाश खांड गांव के जंगल में घुस गए और पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। बदमाशों की गोली से पुलिस का एक प्राइवेट वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। बदमाशों की तरफ से हमले के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग शुरू की।

ताबड़तोड़ गोलियों की गूंज से पूरा जंगल थर्रा उठा। पुलिस की सटीक जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे तड़पते हुए जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वो बेहद चौंकाने वाला है। पकड़े गए बदमाश आमीर और अनवर मूल रूप से सीतामढ़ी, बिहार के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पहले इन्होंने अपने साथी वसीम के साथ मिलकर श्यामपुर के भट्टो वाला में शराब पीने को लेकर मामूली विवाद में दो स्थानीय युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तब से ये फरार चल रहे थे। देर रात ये दोनों ढालवाला में रहने वाले अपने साथी वसीम जो पहले ही गिरफ्तार हो चुका है के ससुराल गए थे। अनवर का पुराना आपराधिक इतिहास है, वह बिहार में लाखों रुपये की लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में आरोपियों ने बेहद बेखौफ अंदाज में कुबूला कि बिहार के सीतामढ़ी में इस तरह के फैक्ट्री मेड अवैध देसी तमंचे बेहद आसानी से मिल जाते हैं। एसपी जया बलूनी ने बताया कि फिलहाल, दोनों घायल बदमाशों को देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी दून प्रमेंद्र डोबाल की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
