
ऋषिकेश
ऋषिकेश से एक बेहद गंभीर और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां आइडीपीएल क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रिंसिपल पर छात्राओं के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ और बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित छात्राओं के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदम दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर और उसमें लगाए गए आरोपों के अनुसार मामला 19 मई को तब उजागर हुआ जब क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की 14 वर्षीय बेटी स्कूल से घर लौटी। छात्रा अत्यधिक डरी और सहमी हुई थी। जब मां ने उससे इस डर का कारण पूछा, तो उसने रोते हुए आपबीती सुनाई। छात्रा ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे अपने ऑफिस में बुलाकर गलत तरीके से छुआ और उसकी पीठ पर हाथ फेरा। डरी हुई छात्रा ने यहां तक कह दिया कि वह अब आगे से स्कूल नहीं जाना चाहती। इस घटना का पता चलने के बाद जब परिजनों ने तसल्ली से बात की, तो स्कूल में ही पढ़ने वाली उसकी एक 13 वर्षीय सहेली ने भी हिम्मत जुटाकर अपने साथ हुई आपबीती साझा की। दूसरी छात्रा ने आरोप लगाया कि करीब 8 से 10 दिन पहले प्रिंसिपल ने उसे भी ऑफिस में बुलाकर कंधे पर हाथ डाला और गलत नीयत से दबाने की कोशिश की। पीड़ित छात्रा के आरोपों के मुताबिक जब भी वह वॉशरूम जाने की अनुमति मांगती, प्रिंसिपल उसे अपने पास बुलाकर जबरन गले लगाने और गलत तरीके से छूने का प्रयास करता था। वह ऐसी हरकतें दो से तीन बार अकेले में कर चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन शिकायत लेकर तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन आरोपी प्रिंसिपल स्कूल में मौजूद नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस चौकी प्रभारी को लिखित तहरीर सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी उपनिरीक्षक वर्षा रमोला को नियुक्त किया गया है, जो इस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
