
ऋषिकेश
उत्तराखंड के निचले इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। यह तपती गर्मी, वाहनों से निकलने वाला धुआं और धूल भरी आंधी न सिर्फ परेशान कर रही है, बल्कि लोगों की आंखों को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है। धूल और धुएं के कारण लोगों को आंखों में एलर्जी और लालिमा की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में सड़क के चौराहों पर मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को अपनी आंखों के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने की आवश्यकता

है, क्योंकि वह सबसे ज्यादा धूल और धुएं के सीधे संपर्क में आते हैं। ऋषिकेश के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजे नेगी ने एक खास बातचीत में बताया कि गर्मी का मौसम आंखों के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील और नुकसानदायक साबित होता है। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि यदि आंखों में जलन, लालिमा या कोई अन्य समस्या महसूस हो, तो खुद डॉक्टर बनकर घरेलू नुस्खे आजमाने की भूल कतई न करें। यह लापरवाही आपकी आंखों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनके परामर्श के अनुसार ही इलाज कराएं। डॉ. राजे नेगी ने आम जनता और खासकर फील्ड में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण और आसान टिप्स साझा किए हैं। जिनका पालन कर आंखों की बीमारियों से बचा जा सकता है। धूप में बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का सनग्लास लगाना शुरू करें। इससे न सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से राहत मिलेगी, बल्कि वाहनों का धुआं और धूल के कण भी

आंखों में सीधे नहीं जा पाएंगे। धूप में निकलते वक्त सिर पर टोपी पहनने से सूरज की सीधी रोशनी और तपिश से आंखों को काफी हद तक राहत मिलती है। जब भी आप घर या ऑफिस से बाहर जाकर वापस आएं, तो साफ और ठंडे पानी से अपनी आंखों को बार-बार धोना न भूलें। डॉक्टर नेगी के अनुसार, आंखों को ठंडक देने के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम को आंखों में शुद्ध गुलाब जल जरूर डालें। मौसम के इस बदलते और चुनौतीपूर्ण मिजाज में थोड़ी सी सावधानी आपकी अनमोल आंखों को बड़ी दिक्कतों से बचा सकती है। डॉक्टर के इन सुझावों पर अमल करें, सतर्क रहें और अपनी आंखों का ख्याल रखें।
