
ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में खुशी के मौकों पर किन्नर समुदाय द्वारा की जाने वाली अत्यधिक धनराशि की मांग पर अब लगाम लगने जा रही है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में सोमवार को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया। जिसके तहत अब किसी भी शुभ कार्य पर बधाई की राशि अधिकतम 2100 रुपए निर्धारित कर दी गई है।
पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने रखा प्रस्ताव
नगर निगम बोर्ड की बैठक में वार्ड पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि विवाह, बच्चे के जन्म और गृह प्रवेश जैसे अवसरों पर अक्सर नागरिकों से जबरन मोटी रकम वसूली जाती है। जिससे आम जनता को मानसिक और आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। मलिक ने तर्क दिया कि “परंपराओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन उत्सव के नाम पर जबरदस्ती और मनमानी वसूली कतई उचित नहीं है। बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया और सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया।
प्रस्ताव की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं। शहर में किसी भी मांगलिक कार्यक्रम के लिए बधाई राशि 2100 रुपए से अधिक नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति या समूह इससे अधिक राशि के लिए दबाव नहीं बना पाएगा। यदि कोई निर्धारित राशि से अधिक की जबरन मांग करता है, तो नागरिक प्रशासन से इसकी औपचारिक शिकायत कर सकेंगे। बोर्ड से पारित होने के बाद अब इसे कड़ाई से लागू करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने पुष्टि की कि पार्षद अभिनव सिंह मलिक द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को सदन की सर्वसम्मति मिल गई है। उन्होंने कहा कि नियम का उल्लंघन करने वालों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पार्षदों का कहना है कि इस निर्णय से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और उत्सव के माहौल में होने वाले अनावश्यक विवादों पर रोक लगेगी। शहर में नगर निगम की इस पहल की व्यापक चर्चा हो रही है। आम नागरिकों ने इसे एक साहसी और जनहितकारी निर्णय बताया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही एक अनियंत्रित प्रथा पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
