
ऋषिकेश
ऋषिकेश के शिवाजी नगर गली नंबर 17 में हुई प्रीति रावत की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डीजीपी दीपम सेठ के निर्देश पर एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाने ने आज घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले में विभागीय लापरवाही को लेकर गहन जांच शुरू की। एसपी क्राइम ने मौके पर पहुंचकर न केवल क्राइम सीन को समझा, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी पैनी नजर रखी। उनका मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस कितनी देर में मौके पर पहुंची। इसके अलावा पुलिस स्तर पर कोई लापरवाही तो नहीं हुई। एसपी ने घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। प्रीति रावत के परिजनों से मुलाकात कर उनका भरोसा दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी। एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाने ने स्पष्ट किया कि महिला अपराधों को लेकर विभाग बेहद गंभीर है।

इस मामले की जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को 7 दिन के अंदर सौपी जाएगी। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश और देहरादून में हुई महिला हत्याओं के मामलों में विभागीय लापरवाही की जांच की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मियों की चूक पाई गई, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि 31 जनवरी की रात को सुरेश गुप्ता ने शिवाजी नगर गली नंबर में अकेली रहने वाली अपनी प्रेमिका को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सहारनपुर के पास से गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा है। इस मामले में एम्स चौकी प्रभारी को डीजीपी ने सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद विभागीय स्तर पर लापरवाही की जांच को एक कमेटी गठित की गई है। जिसकी जांच एसपी क्राइम कर रही है। इसी कड़ी में आज उन्होंने अपनी जांच को आगे बढ़ना शुरू किया है।
