
नई दिल्ली
देश में गहराते ईंधन संकट और सरकारी खर्चों में कटौती की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। पीएम मोदी ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को निर्देश दिया है कि उनके आधिकारिक काफिले में शामिल कारों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए।
प्रमुख निर्णय और उनके प्रभाव
काफिले में कटौती: पीएम मोदी ने सरकारी खर्च कम करने के लिए अपने काफिले की गाड़ियां आधी करने का निर्देश दिया है। हाल ही में उनके दौरों पर काफिला पहले की तुलना में छोटा नजर भी आया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा: पीएम ने बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने सुरक्षा बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसके लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी।
सुरक्षा से समझौता नहीं: SPG ने इन निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े ‘ब्लू बुक’ के अनिवार्य दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है।
देश पर मंडरा रहा है ईंधन का संकट?
पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
इसके चलते:मार्च 2026 में स्थानीय स्तर पर लंबी कतारें और चिंता देखी गई थी। तत्काल संकट टला हुआ है, लेकिन विदेशी मुद्रा संरक्षण और आयात बिल कम करने के लिए सावधानी बरती जा रही है।
सरकारी विभागों के लिए कड़े निर्देश
प्रधानमंत्री का यह कदम अन्य मंत्रियों और विभागों के लिए एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकारी खर्च घटाने के लिए निम्नलिखित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कर्मचारियों को मेट्रो का अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आने-जाने के लिए कारपूलिंग के विकल्प पर जोर दिया जाएगा।
मंत्रालयों में होने वाले बड़े और खर्चीले भोज आयोजनों से बचा जाएगा।
पीएम मोदी ने हाल ही में हैदराबाद दौरे के दौरान आम जनता से भी ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील की थी। सरकार अब रूस से आयात बढ़ाने और 41 देशों से आयात विविधीकरण जैसे कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
