
ऋषिकेश
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। इसी कड़ी में आज ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया गया। आरटीओ प्रशासन सुनील सैनी ने खुद इस प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आरटीओ सुनील सैनी ने बताया कि राज्य स्तर पर ग्रीन कार्ड जारी करने की शुरुआत के बाद अब ऋषिकेश समेत पूरे प्रदेश में यह कार्य सुचारू रूप से शुरू हो गया है। इस वर्ष प्रशासन का मुख्य फोकस यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने पर है। अक्सर चारधाम यात्रा के दौरान तपोवन और भद्रकाली जैसे क्षेत्रों में बसों की लंबी कतारों के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार आरटीओ विभाग ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। चेकपोस्टों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही उन्हें टैबलेट और हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी ताकि जांच प्रक्रिया में समय न लगे। अब वाहन चालकों को उतरकर चेकपोस्ट पर नहीं जाना पड़ेगा। विभाग के कर्मचारी खुद गाड़ियों के पास जाकर जांच करेंगे। सत्यनारायण चेकपोस्ट, ट्रांजिट कैंप और बस अड्डों से चलने वाली बसों की जांच वहीं मौके पर ही कर ली जाएगी। इन नई व्यवस्थाओं से उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भारी ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। आरटीओ प्रशासन सुनील सैनी ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि कम से कम 90% बसों की जांच उनके प्रस्थान बिंदु पर ही हो जाए, ताकि चेकपोस्टों पर बसों को कम से कम रुकना पड़े और जाम की स्थिति पैदा न हो।
