
लखनऊ (ब्यूरो)
राजधानी की सड़कों पर अब प्रदेश के दिग्गज साहित्यकारों की स्मृतियां जीवंत होंगी। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के प्रधान एवं प्रसिद्ध हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने लखनऊ में ‘साहित्य पथ’ के निर्माण की मुहिम छेड़ दी है।
प्रमुख मांगें और योजना
साहित्य सभा का प्रस्ताव है कि लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर के किसी एक हिस्से या जी-20 रोड को ‘साहित्य पथ’ के रूप में विकसित किया जाए। इस योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- साहित्यिक मूर्तियां: सड़क के दोनों ओर निश्चित दूरी पर प्लेटफॉर्म बनाकर प्रदेश के ख्यातिलब्ध साहित्यकारों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।
- परिचय पट्टिका: मूर्तियों के साथ संबंधित साहित्यकार का संक्षिप्त परिचय और उनके योगदान का विवरण भी लगाया जाए।
- पर्यटन को बढ़ावा: इस पथ के निर्माण से लखनऊ में ‘साहित्यिक पर्यटन’ (Literary Tourism) को बल मिलेगा, जिससे देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे।
इनसे करेंगे मुलाकात
सर्वेश अस्थाना ने बताया कि वे जल्द ही इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और महापौर सुषमा खर्कवाल से मुलाकात कर अनुरोध पत्र सौंपेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्य में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा शासन-प्रशासन को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा प्रदेश भर में साहित्यिक जागरूकता के लिए समर्पित है। संस्था के प्रयासों से लखनऊ में पहले ही निम्नलिखित उपलब्धियां हासिल की जा चुकी हैं:
- नीरज चौक का नामकरण और निर्माण।
- पंडित अमृत लाल नागर चौराहे का नामकरण।
वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में सभा की इकाइयां इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। ‘साहित्य पथ’ का निर्माण इस श्रृंखला में एक मील का पत्थर साबित होगा।
