
ऋषिकेश
आरटीओ संदीप सैनी ने चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन विभाग की तैयारियों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बॉर्डर पर ‘ग्रीन सेस’ की जांच अनिवार्य होगी और डग्गामार वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के पास बसों का पर्याप्त स्टॉक है और रात 10 बजे के बाद सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
जीरो टॉलरेंस- परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाली निजी गाड़ियों पर होगी सीज़ की कार्रवाई।
चेकपोस्ट का पहरा- सुबह 4:00 से रात 10:00 बजे तक हर वाहन की होगी सघन चेकिंग।
ओवरलोडिंग पर लगाम- यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए ओवरलोडिंग पर रहेगी पैनी नज़र।
बैकअप प्लान- भीड़ बढ़ने पर कुमाऊं और अन्य जिलों से बुलाई जाएंगी अतिरिक्त बसें।
आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर है। ऋषिकेश के आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने यात्रा की तैयारियों को लेकर विभाग की रणनीति साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और बाहरी राज्यों से आने वाली प्राइवेट टैक्सियों पर विभाग की पैनी नजर रहेगी।बाहरी वाहनों के लिए ‘ग्रीन सेस’ और नए नियम
संदीप सैनी ने बताया कि यात्रा सीजन के दौरान बाहर से आने वाले ऐसे वाहन जो नियमों के विरुद्ध जाकर स्थानीय व्यवसाय को प्रभावित करते हैं, उन पर सख्ती की जा रही है। सीमाओं पर बने चेकपोस्ट पर वाहनों का ‘ग्रीन सेस’ और टोल की पर्ची अनिवार्य रूप से जांची जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम में होने वाले आगामी संशोधनों को यात्रा शुरू होने से पहले लागू करने की कोशिश की जा रही है। ताकि बाहरी वाहनों द्वारा किए जाने वाले अवैध संचालन को 100% रोका जा सके। बसों की पर्याप्त उपलब्धता- श्रद्धालुओं को परिवहन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। आरटीओ ने बताया किवर्तमान में 10 बड़ी बस कंपनियां यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
यदि भीड़ बढ़ती है, तो कुमाऊं मंडल, परिवहन निगम और पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त बसें मंगवाई जाएंगी। पहाड़ी रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हमारी चेकपोस्ट सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक सक्रिय रहती हैं। रात 10 बजे के बाद पुलिस बैरियर के कारण कोई भी वाहन आगे नहीं जा सकता। ओवरलोडिंग रोकने के लिए हर गाड़ी को बारीकी से चेक करने के बाद ही आगे भेजा जाएगा।” — संदीप सैनी, आरटीओ (प्रशासन)
निजी वाहनों पर नजर
स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने ‘प्रवर्तन टीमों’ को निर्देशित किया है कि जो निजी गाड़ियां परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर व्यावसायिक गतिविधियों में लिप्त पाई जाएंगी, उन पर पहले दिन से ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
