ऋषिकेश
ऋषिकेश के राजकीय उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश से इंसानियत और संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। जन्म देने के महज कुछ ही घंटे बाद एक निर्दयी मां अपने नवजात बेटे को अस्पताल के महिला वार्ड में लावारिस छोड़कर रफूचक्कर हो गई। मां के आंचल की छांव और दूध से वंचित मासूम ने चार दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ी, लेकिन आखिरकार 5 सितंबर को उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, 1 सितंबर को प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला एक अज्ञात पुरुष के साथ अस्पताल पहुंची। भर्ती होने के दौरान दोनों ने खुद को शादीशुदा दंपति बताया और पहचान पत्र न होने का बहाना बनाकर फर्जी नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराया। महिला ने अपना नाम रानी और पति का नाम विश्वजीत, निवासी पटना बिहार लिखवाया। सुरक्षित प्रसव के बाद 3 सितंबर को मौका मिलते ही महिला अपने साथी के साथ बच्चे को वार्ड में बिलखता छोड़ गायब हो गई। नवजात के लगातार रोने पर आसपास भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सूचना पुलिस को दी गई। घटना के बाद जब पुलिस ने दर्ज कराए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, तो एक नया मोड़ आ गया। वह नंबर मेरठ के एक किसान यूनियन नेता का निकला। जब पुलिस ने नेता से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, तो वह भी हैरान रह गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और सीसीटीवी कैमरा की फुटेज को खंगाल रही है। वहीं महिला वार्ड में 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों और अस्पताल स्टाफ की तैनाती के बावजूद महिला का इस तरह नवजात को छोड़कर फरार हो जाना, अस्पताल के सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलता है।
