ऋषिकेश
ऋषिकेश में भारी बारिश के कारण सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों की वजह से न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। जब संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो ‘हिमाद्री द फाउंडेशन’ संगठन के युवाओं ने खुद सड़कों की मरम्मत का जिम्मा संभाला। संगठन के सदस्यों ने देर रात अपने निजी खर्चे से सड़कों के गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया।
“25 से ज्यादा गड्ढे, रोज़ गुजरते हैं लाखों लोग”
संगठन के प्रतिनिधि प्रतीक वर्मा ने बदहाल सड़कों और NHAI की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि शहर के एनएच-07 पर, जो ऋषिकेश, बद्रीनाथ, हरिद्वार और एम्स को जोड़ता है, 25 से अधिक खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं। इस मार्ग से रोज़ाना 1 लाख से अधिक लोग और लगभग 500 एम्बुलेंस गुजरती हैं। एक तरफ एम्स जैसे बड़े अस्पताल बनाए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़कों के गड्ढे लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। किसी गड्ढे की वजह से किसके घर का चिराग बुझ जाए, कोई नहीं जानता।

“गैर-राजनीतिक संगठन है ‘हिमाद्री’, किसी नेता को डरने की ज़रूरत नहीं”
चुनाव और राजनीति पर बात करते हुए प्रतीक वर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है।शहर में चुनाव आने वाले हैं, लेकिन हमारा किसी पार्टी या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। हम एक पूरी तरह से गैर-राजनीतिक संगठन हैं। न हमें चुनाव लड़ना है, न किसी को हराना या जिताना है। नेताओं को हमसे डरने की जरूरत नहीं है, बस अपनी आंखें खोलने की जरूरत है ताकि वे अपना काम सही ढंग से करें। आज भाजपा है, कल कांग्रेस होगी सरकारों से उम्मीद छोड़ अब युवाओं को खुद आगे आना होगा।

युवाओं से मुहिम में जुड़ने की अपील
संगठन ने शहर और देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे आगे आएं और अपने शहर की सुरक्षा व बेहतरी में योगदान दें। हिमाद्री द फाउंडेशन ने कहा कि जो भी युवा इस सामाजिक कार्य में जुड़ना चाहता है, संगठन उनका स्वागत करता है।
