
ऋषिकेश
कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’ यह कहावत आज ऋषिकेश में सच साबित हुई। रामझूला के पास पैर फिसलने से गंगा की उफनती लहरों में बहे एक शख्स को मौत छूकर निकल गई। नदी के तेज बहाव में करीब 2 किलोमीटर बहने के बाद किस्मत ने उसे एक टापू पर फेंका, लेकिन वहां वह खौफनाक दलदल में फंस गया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं रहा। बता दे कि आज पशुलोक बैराज से ठीक पहले गंगा के बीचों-बीच बने एक सुनसान टापू से एक हाथ हवा में लहराता दिखा। दलदल में आधा धंसा एक शख्स जान बचाने के लिए चीख रहा था। घाट पर घूम रहे पर्यटकों की नजर जैसे ही इस मंजर पर पड़ी, उनके होश उड़ गए। पर्यटकों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत जिला कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। कंट्रोल रूम से फ्लैश मैसेज मिलते ही त्रिवेणी घाट पर अलर्ट मोड में बैठी SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला। टीम ने बेहद सूझबूझ और बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए दलदल के चंगुल से उस शख्स को सुरक्षित बाहर निकाला और राफ्ट के जरिए किनारे पर ले आए। रेस्क्यू किए गए शख्स की पहचान विनोद सिंह निवासी शीशम झाड़ी के रूप में हुई है। होश में आने के बाद विनोद ने बताता कि वह परमार्थ निकेतन के पास भेलपुरी का ठेला लगाता है। रामझूला के पास अचानक पैर फिसल गया और वह सीधे गंगा की तेज लहरों के साथ बह निकला।
