
ऋषिकेश।
विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास, ऋषिकेश में अभिभावक-शिक्षक संवाद (पैरेंट्स-टीचर मीटिंग) का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विकास, अनुशासन तथा प्रथम मासिक परीक्षा के परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अभिभावकों को उनके पाल्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी गई और बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी सुझाव साझा किए गए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास की भावना जगाना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे घर पर बच्चों की नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और विद्यालय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।
समन्वित प्रयासों से संवरेगा भविष्य
इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य डॉ. नागेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि समय-समय पर होने वाले इस तरह के संवाद विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। वहीं विद्यालय के शिक्षक वीरेन्द्र कंसवाल एवं शिक्षिका रजनी गर्ग ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। दोनों पक्षों के समन्वित प्रयासों से ही छात्र जीवन में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
मील का पत्थर साबित होगी यह पहल
विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शिक्षक और अभिभावकों के बीच के समन्वय को मजबूत करने में यह पैरेंट्स मीटिंग निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होगी।
ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान रविन्द्र परमार, सतीश चौहान, मनोज पंत, मनोरमा शर्मा, चन्द्रप्रकाश डोभाल, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
