
ऋषिकेश
ऋषिकेश में आगामी सावन महीने की कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी की अध्यक्षता और एसपी देहात जया बलूनी, एसडीएम कुमकुम जोशी व नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला की मौजूदगी में हुए इस मंथन में सभी संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ियों के वाहनों को ऋषिकेश शहर के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। सभी कांवड़ वाहनों को आईडीपीएल और खांड गांव में बनी पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। पार्किंग से कांवड़िए बैराज मार्ग होते हुए नीलकंठ की ओर रवाना होंगे। पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय और पथ प्रकाश की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मार्ग की सटीक जानकारी के लिए पुलिस अधिकारियों को जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने को कहा गया है। कांवड़ियों के हुड़दंग और उत्पात पर नजर रखने के लिए पूरे रूट को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। साथ ही, सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। खांड गांव में भंडारी पैलेस के पास हाईटेंशन लाइन के नीचे ट्रक खड़े होने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि कांवड़िए ट्रकों के ऊपर सोते हैं जिससे करंट लगने का खतरा रहता है। यात्रा के दौरान शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
🚧 अतिक्रमण और सड़कों का सुधारीकरण
अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर: एसपी और नगर आयुक्त की सहमति के बाद श्यामपुर-नटराज बाईपास मार्ग और वीरभद्र रोड पर मुख्य रूप से अतिक्रमण हटाया जाएगा। शहर के आंतरिक मार्गों को भी साफ किया जाएगा ताकि पैदल कांवड़ियों को रास्ता मिल सके।
गड्ढामुक्त सड़कें: पीडब्ल्यूडी (PWD) को कांवड़ मार्ग के सभी गड्ढों को तुरंत भरने के निर्देश दिए गए हैं।
कट बंद होंगे: एनएचएआई (NHAI) को हाईवे के डिवाइडरों पर बने अवैध या खतरनाक कट्स को बंद करने को कहा गया है।
🪵 वन, स्वास्थ्य और नगर निगम को निर्देश
खतरनाक पेड़: श्यामपुर-नटराज बाईपास मार्ग पर सूखे और संवेदनशील पेड़ों को यात्रा शुरू होने से पहले काटने के लिए वन विभाग को सूची सौंप दी गई है।
जीव-जंतुओं से सुरक्षा: बरसात के कारण सत्यनारायण क्षेत्र और कांवड़ मार्ग पर सांप व अन्य वन्य जीवों को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) करेंगी।
स्वास्थ्य सुविधाएं: स्वास्थ्य विभाग कांवड़ मार्ग पर विशेष कैनोपी लगाकर चिकित्सा शिविर लगाएगा, जहां 24 घंटे एम्बुलेंस तैनात रहेगी।
साफ-सफाई: नगर निगम पूरे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और सैनिटाइजेशन की कमान संभालेगा।
🚫 प्रतिबंध और अन्य व्यवस्थाएं
मांस की दुकानें बंद: कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली सभी मांस की दुकानें यात्रा अवधि के दौरान पूरी तरह बंद कराई जाएंगी।
भंडारों पर रोक: सड़कों पर नए भंडारे लगाने की अनुमति नहीं होगी। केवल पूर्व से चले आ रहे पारंपरिक भंडारों को ही अनुमति दी जाएगी।
रेट लिस्ट अनिवार्य: कांवड़ियों से ओवररेटिंग न हो, इसके लिए सभी ऑटो और रेस्टोरेंट में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
डिजिटल मॉनिटरिंग: सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है। इसमें शामिल सभी अधिकारी अपनी-अपनी रोजमर्रा की प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे ताकि 25 जुलाई तक सभी काम समय पर पूरे हो सकें। एसपी देहात ने याद दिलाया कि हर साल 50 लाख से अधिक श्रद्धालु ऋषिकेश के रास्ते नीलकंठ पहुंचते हैं, इसलिए व्यवस्थाओं में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
