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ऋषिकेश
नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला ने नगर निगम स्थित महापौर कार्यालय में व्यापार मंडल, परिवहन संस्थाओं और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में ऋषिकेश में यात्रा के दौरान होने वाली दुश्वारियों, सड़कों पर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों और उनके कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में एसडीएम, आरटीओ, पुलिस इंस्पेक्टर और रोडवेज के अधिकारियों सहित सभी संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला ने कहा कि शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्ति दिलाने के लिए नियमों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बैठक में लिए गए निर्णयों और निगम की आगामी कार्ययोजना के बारे में निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
- सड़कों पर नो-पार्किंग: नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में सड़कों पर वाहनों की पार्किंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परिवहन संगठनों (बस, ट्रक, टैक्सी-मैक्सी और ठेला-खोखा एसोसिएशन) से सख्त लहजे में कहा है कि वे सड़कों पर गाड़ियां खड़ी न करें।
- परिवहन संचालक स्वयं करें यार्ड की व्यवस्था: उन्होंने कहा कि ऑफ-सीजन में या जब गाड़ियां नहीं चल रही हों, तो उनके ठहराव के लिए ट्रक, बस और टैक्सी संचालकों को अपने यार्ड की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
- फर्जी पता बताने वाले ट्रैवल संचालकों पर होगी कार्रवाई: जिन ट्रैवल संचालकों ने रोडवेज की पार्किंग को अपना यार्ड या अपना पता (एड्रेस) बताकर पंजीकरण कराया है, उनके पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नगर निगम परिवहन विभाग और आरटीओ को पत्र लिखने जा रहा है, क्योंकि पार्किंग किसी का निजी पता नहीं हो सकती।
- अतिक्रमण पर सभी की सहमति: नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में शामिल सभी संगठन नियमों के तहत अतिक्रमण हटाए जाने पर एकमत थे और किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियमों के दायरे में रहकर ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।
- दुकानों की आड़ में अतिक्रमण करने पर निरस्त होगा आवंटन: नगर निगम की दुकानों के संबंध में उन्होंने कहा कि यदि किसी ने एक से अधिक दुकानों पर अवैध कब्जा कर रखा है, तो उन पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, जिन स्थायी दुकानदारों को दुकानें आवंटित हैं, यदि वे उनकी आड़ में बाहर अतिक्रमण करते हैं, तो उन्हें एक-दो बार चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी न मानने पर दुकान का आवंटन निरस्त कर उसे खाली करा लिया जाएगा।
- त्रिवेणी घाट से शुरू होगा अभियान: अतिक्रमण हटाने का अभियान अगले एक-दो दिनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआती चरण में त्रिवेणी घाट क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा, क्योंकि वहां शाम को गंगा आरती के समय भारी ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे शहर में यह अभियान चलाया जाएगा।
- पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा: माननीय न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों और गाड़ियों को चलने के लिए पर्याप्त जगह मिले और पैदल यात्रियों के लिए ‘पेडस्ट्रियन पाथ’ पूरी तरह साफ रहे। फुटपाथ और नालियों के ऊपर किसी भी तरह का सामान रखना या कब्जा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- ठेलियों के लिए नियम: उन्होंने कहा कि दुकानदारों को अपनी दुकान के सामने या घाटों पर ठेलियां लगवाने का कोई अधिकार नहीं है। वेंडर्स को व्यापार के लिए जो जगह निर्धारित की गई है, वे वहीं व्यापार करें और रात होने पर अपनी ठेलियां अपने घर ले जाएं।
राजनीतिक दबाव के सवाल पर नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा, “यह लोकतंत्र है, यहाँ जनता का दबाव सबसे ऊपर होता है। मुझे पूरी उम्मीद है कि जनता हमारे इस जनहित के कार्य में हमारा पूरा सहयोग करेगी।”
बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, एआरटीओ प्रशासन रावत सिंह कटारिया, टीआई प्रदीप कुमार, महापौर शंभू पासवान, सुधीर राय, टेंपो यूनियन के अध्यक्ष सुनील शर्मा, मनोज ध्यानी, व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, विनय सारस्वत आदि उपस्थित रहे।
