
देहरादून
उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ऋषिकेश नगर निगम के मेयर चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले चर्चित नेता दिनेश चंद मास्टर ने उत्तराखंड क्रांति दल का दामन थाम लिया है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके उक्रांद में शामिल होने को आगामी स्थानीय और प्रदेश स्तरीय चुनावी समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी की सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए दिनेश चंद मास्टर ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन और यहां की संस्कृति की रक्षा के लिए यह कदम उठाया है। दिनेश चंद मास्टर का पार्टी में स्वागत करते हुए उक्रांद के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि उनके जैसे जमीन से जुड़े और जनाधार वाले नेता के आने से संगठन को ऋषिकेश विधानसभा और पूरे जिले में भारी मजबूती मिलेगी। नेताओं के मुताबिक, दिनेश चंद मास्टर के अनुभव और जनहित के मुद्दों पर उनकी बेबाकी का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि दिनेश चंद मास्टर ने ऋषिकेश नगर निगम के मेयर चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया था। स्थानीय मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ और जनता के बीच सक्रियता के कारण उन्हें भारी जनसमर्थन मिला था। अब उनके उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल होने से ऋषिकेश और आसपास के मैदानी व पर्वतीय क्षेत्रों में उक्रांद को एक नया और अनुभवी चेहरा मिल गया है। दिनेश चंद मास्टर ने बताया कि उत्तराखंड के मूल मुद्दों, जैसे सख्त भू-कानून, मूल निवास 1950 की बहाली और क्षेत्रीय अस्मिता की लड़ाई को धरातल पर मजबूत करने के लिए उन्होंने उक्रांद का दामन थामा है। आज प्रदेश की जनता राष्ट्रीय दलों की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है और एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प की तलाश में है। उक्रांद ही राज्य के हक-हकूक की लड़ाई लड़ने वाला एकमात्र सच्चा मंच है।
