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राजधानी स्थित भारत सरकार के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) में आज ‘अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर डे’ के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के अधिकारों, उनके सम्मान और समाज में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नीरजा गोयल को मिला विशेष सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ‘नीरजा देवभूमि चैरिटेबल’ की संस्थापक, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी एवं समाज सेविका श्रीमती नीरजा गोयल उपस्थित रहीं। संस्थान द्वारा उनके उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के प्रति समर्पण के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

प्रेरणादायक संबोधन
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नीरजा गोयल ने कहा कि दिव्यांगजन समाज की कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति हैं। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण, शिक्षा और अवसर दिए जाएं, तो वे राष्ट्र निर्माण में किसी से भी पीछे नहीं रहेंगे। आत्मनिर्भरता की कुंजी आत्मविश्वास और कौशल विकास में छिपी है।
प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
समारोह में दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत कई दिग्गजों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- प्रदीप जी: निदेशक (Director), NIEPVD
- डॉ. पंकज कुमार: असिस्टेंट प्रोफेसर, NIEPVD देहरादून
- मोहम्मद दीप्ति जी: प्रतिनिधि, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO)
समावेशी समाज का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं ने अपने जीवन के संघर्ष और सफलताओं के अनुभव साझा किए, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रेरित किया। ALIMCO और संस्थान के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का समापन एक सशक्त संदेश के साथ हुआ कि समाज को दिव्यांगजनों के प्रति सहानुभूति नहीं, बल्कि ‘समान अवसर’ देने का नजरिया अपनाना चाहिए।
