ऋषिकेश
एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशों पर हरिद्वार पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए गिरोह के मुख्य मददगार सागर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है।
डिजिटल सर्विलांस से कसा शिकंजा
मामला श्यामपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमा से जुड़ा है। पुलिस टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड ऋषिकेश में ट्रैक की। इसके बाद उप-निरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर की अगुवाई में पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटी से जा रहे आरोपी को दबोच लिया।
म्यूल अकाउंट्स का खेल और भारी कमीशन
पूछताछ में पता चला कि आरोपी सागर पाण्डेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया ग्राम सिकंदरपुर का निवासी है और ऋषिकेश में रहकर गिरोह के पूर्व गिरफ्तार सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था। आरोपी ऋषिकेश में स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। उसने अब तक विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के 18 बैंक खाते साइबर गैंग को उपलब्ध कराए थे, जिसके एवज में उसे भारी कमीशन मिलता था।
बचने के लिए मिटाए सबूत
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि गिरोह के 5 अन्य सदस्यों की जेल जाने की खबर मिलते ही उसने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल से सभी व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और संपर्क नंबर डिलीट कर दिए थे। हालांकि, पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर उसके फोन की गैलरी से बैंक खाते का फोटो व अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद कर लिए हैं।
गिरफ्तारी व बरामदगी:
आरोपी: सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय (निवासी बलिया, हाल निवासी मायाकुंड, ऋषिकेश)
बरामदगी: 01 रियलमी (Realme) मोबाइल फोन, बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर डिजिटल दस्तावेज
पुलिस टीम: थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडी घाट देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, राहुल देव, वसीम एवं सीआईयू हरिद्वार की विशेष टीम।
